“पॉश” के नाम दर्ज हुआ इतिहास: 200+ पेशेवरों ने बदलाव की बागडोर संभाली

नई दिल्ली में ‘पॉश समागम’ का भव्य आयोजन, सुरक्षित कार्यस्थलों के लिए नई पहल

नई दिल्ली, 5 अगस्त: नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में पिंक & ब्लू – सिंबायोटिक लिविंग नामक पंजीकृत एनजीओ की पहल पर 6वां वार्षिक पॉश कॉन्क्लेव एवं पुरस्कार समारोह ‘पॉश समागम’ का आयोजन किया गया। यह आयोजन 200 से अधिक वकीलों, कंपनी सेक्रेटरी, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, एचआर प्रोफेशनल्स और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में संवाद, सीख और सम्मान का सशक्त मंच बनकर सामने आया।

यह सिर्फ एक औपचारिक सम्मेलन नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदोलन बन गया जिसने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम (POSH) अधिनियम की वास्तविक भावना को उजागर किया और कार्यस्थलों को सुरक्षित, सम्मानजनक व समावेशी बनाने की दिशा में विशेषज्ञों की भूमिका को रेखांकित किया।

समारोह के प्रमुख आकर्षण:
मुख्य अतिथि जस्टिस एम.एम. कुमार (पूर्व मुख्य न्यायाधीश, जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय एवं एनसीएलटी के प्रथम अध्यक्ष) ने कहा,

“सुरक्षित कार्यस्थल हर महिला का अधिकार है। पॉश एक्ट उसी आत्मविश्वास को स्थापित करता है।”

विशिष्ट अतिथि डॉ. राजीव रंजन (राष्ट्रीय प्रवक्ता, जनता दल यूनाइटेड) ने कहा,

“पॉश कानून ने चुप्पी को ताकत में बदला है। यह सिर्फ एक विधि नहीं, बल्कि घोषणा है कि हर महिला को सम्मान के साथ कार्य करने का अधिकार है।”

विधायक श्रीमती शिखा रॉय (ग्रेटर कैलाश) ने पिंक एंड ब्लू की इस पहल की सराहना करते हुए पॉश कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सहयोग का आश्वासन दिया।

अन्य विशिष्ट वक्ताओं में शामिल रहे:
स्वेता सत्य, उप सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय

वरिष्ठ अधिवक्ता महालक्ष्मी पवनी

आईसीएसआई के पूर्व अध्यक्ष नेसर अहमद व रंजीत पांडे

के.के. सिंह, वरिष्ठ विशेषज्ञ

रीनू ऋतुराज, एसोसिएट डायरेक्टर, एक्सेंचर

मोहम्मद निसार, राष्ट्रीय सचिव, जनता दल (यू)

आयोजन का नेतृत्व:
कार्यक्रम का कुशल संचालन रितु गोयल (अध्यक्ष) एवं अवनीश श्रीवास्तव (महासचिव) ने किया। उन्होंने ‘हैप्पी एंड हेल्दी लिविंग’ की संकल्पना को फिर से दोहराते हुए कहा कि यह केवल कानूनी जागरूकता का मंच नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति है।

पिंक एंड ब्लू का संकल्प:
यह एनजीओ कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम और महिलाओं की सुरक्षा के लिए समर्पित है। संस्था का उद्देश्य समाज को POSH कानून के प्रति जागरूक करना, निःशुल्क प्रशिक्षण और सहयोग प्रदान करना, तथा हर कार्यस्थल को सुरक्षित, सम्मानजनक और सामंजस्यपूर्ण वातावरण में बदलना है।

“पॉश समागम” ने एक नई चेतना का सूत्रपात किया है, जिसकी गूंज देश के हर कोने तक पहुंचने की उम्मीद है।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.