सूरत में पीएम मोदी का विपक्ष पर निशाना, बोले- ऊर्जा संकट के दौर में आत्मनिर्भर भारत ही समाधान
सूरत दौरे पर कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास, हरित ऊर्जा पर दिया जोर
सूरत। Narendra Modi ने शुक्रवार को गुजरात के सूरत दौरे के दौरान कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने वैश्विक चुनौतियों, ऊर्जा सुरक्षा, अक्षय ऊर्जा, आत्मनिर्भर भारत और विपक्ष की राजनीति जैसे कई अहम मुद्दों पर अपने विचार रखे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय लगातार संकटों का सामना कर रही है। पहले कोरोना महामारी, फिर विभिन्न देशों के बीच युद्ध और अब ऊर्जा संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। इसके बावजूद भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।
ऊर्जा संकट के बीच आत्मनिर्भरता पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा ऊर्जा संकट ने यह साबित कर दिया है कि किसी भी देश के लिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और देश की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 250 गीगावाट तक पहुंच चुकी है।
उन्होंने बताया कि गुजरात का इसमें लगभग 50 गीगावाट का योगदान है, जो राज्य की ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया में गुजरात बनेगा अग्रणी
प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया जैसे क्षेत्रों में गुजरात महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कांग्रेस पर साधा निशाना
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की जनता भाजपा की विकास नीतियों पर भरोसा करती है, इसलिए लगातार समर्थन दे रही है। वहीं कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी लंबे समय से अराजकता और अनिश्चितता की राजनीति कर रही है, जिसे जनता लगातार नकार रही है।
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि कई राज्यों में कांग्रेस सरकारों के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और चुनावी परिणाम भी इसका संकेत दे रहे हैं।
सूरत की स्वच्छता और विकास की सराहना
पीएम मोदी ने सूरत शहर की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और विकास कार्यों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सूरत केवल एक शहर नहीं, बल्कि निरंतर प्रगति और नवाचार की भावना का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में विकास, हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भरता भारत की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरेंगे और पूरी दुनिया भारत की क्षमता को देखेगी।
