बिहार विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने पर बोले पवन सिंह- भाजपा मेरी मां है, जीवनभर पार्टी का सेवक रहूंगा
- रिपोर्ट: सुरजीत सिंह
पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आगामी बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया है। शनिवार को वह पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी भेंट की।
मीडिया से बातचीत के दौरान पवन सिंह ने कहा कि भाजपा उनके लिए मां के समान है और वह जीवनभर पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता और सेवक बने रहेंगे। उन्होंने कहा, “भाजपा मेरी मां है और मैं पार्टी का सच्चा सेवक हूं। अपनी मां से कोई कभी दूर नहीं रह सकता।”
विधान परिषद का उम्मीदवार बनाए जाने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा नेतृत्व, बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, वह उस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाएंगे।
पवन सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल जनता और पार्टी की सेवा करना है। उन्होंने बिहार की जनता को नमन करते हुए भरोसा दिलाया कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाया जाएगा।
गौरतलब है कि 5 जून को भाजपा ने बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी की थी। चार उम्मीदवारों की इस सूची में भोजपुरी फिल्म जगत के लोकप्रिय अभिनेता पवन सिंह का नाम शामिल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
भाजपा की ओर से जारी आधिकारिक बयान में उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई थी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पवन सिंह का नामांकन भाजपा की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि उनकी भोजपुरी भाषी क्षेत्रों में व्यापक लोकप्रियता है।
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान पवन सिंह ने भाजपा और एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में व्यापक प्रचार अभियान चलाया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर एक गीत भी गाया था, जो चुनाव के दौरान काफी चर्चित और वायरल हुआ था।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव में सक्रिय भूमिका और एनडीए के पक्ष में किए गए प्रचार को देखते हुए भाजपा ने उन्हें बिहार विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवार बनाकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
