ताऊ देवीलाल जयंती पर रोहतक में होने वाले सम्मान समारोह को लेकर विपक्षी पार्टियों में खलबली , इनेलो का जोश देखने लायक,,, पार्टी का प्रचार प्रसार जोरों पर

इनेलो का जोश देखने लायक,,, पार्टी का प्रचार प्रसार जोरों पर

हरियाणा ( डॉ एम पी भार्गव ऐलनाबाद ) मात्र चार दिनों बाद अर्थात 25 सितंबर को रोहतक में होने जा रहे ताऊ देवीलाल सम्मान दिवस को लेकर लोगों के बढ़ते उत्साह से संकेत मिल रहे हैं कि रोहतक में उमड़ने वाली भीड़ हरियाणा की राजनीति में नया इतिहास रच सकती है। ताऊ देवीलाल की इस जयंती को लेकर इनैलो सुप्रीमो अभय चौटाला ने पूरे प्रदेश में जनसंपर्क कर निमंत्रण दिया है, जिससे अच्छे रिस्पांस दिखाई दे रहे हैं। हरियाणा में जाटलैंड कहे जाने वाले रोहतक, झज्जर, सोनीपत जिलों में पूर्व कांग्रेस मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा का अच्छा प्रभाव रहा था, जिसमें भाजपा की सेंधमारी सफल रही है और ऐसी संभावना है कि ताऊ देवीलाल सम्मान दिवस की सफलता कांग्रेस को एक राजनीतिक घाव थे सकती है, जिसपर कोई भी राजनीतिक मलहम असर नहीं करेगी। वैसे भी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का भूपेंद्र हुड्डा को तवज्जो न देने से नाराज़ हुड्डा समर्थक का हृदय परिवर्तन भी हो सकता है। किसानों के मसीहा ताऊ देवीलाल के प्रति जाट समुदाय का लगाव आज भी बरकरार देखा जा सकता है। ज्यों ज्यों सम्मान दिवस नजदीक आ रहा है त्यों त्यों कांग्रेस की राजनीतिक धड़कने तेज हो रही है क्योंकि हरियाणवी राजनीति में इनैलो का शक्ति प्रदर्शन कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी बनता नजर आ सकता है। हरियाणा के इस जाटलैंड में इनैलो की प्रभावी दस्तक हरियाणा की राजनीति को ऐसे मोड़ पर ला सकती है कि वर्ष 2029 में होने वाले चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और इनैलो के बीच देखने को मिले। इनैलो के इस सम्मान दिवस से जनाधार में इजाफा देखने को मिल सकता है और कांग्रेस का जनाधार खिसकने की राह पकड़ ले। चर्चा है कि इस सम्मान दिवस पर कई प्रभावशाली राजसी दिग्गज “चश्मा” पहन सकते हैं क्योंकि वह इस चश्मे के माध्यम से आप अपने राजनीतिक भविष्य में आशा की किरण देख सकेंगे। वर्ष 2019 को बिखराव के बाद राजनीतिक हाशिए की तरफ बढ़ने वाली इनैलो को मजबूती देने के लिए यह सम्मान दिवस एक संजीवनी दे सकता है, ऐसा राजनीतिक पंडितों का मानना है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि युवा पीढ़ी इनैलो सुप्रीमो अभय चौटाला की कथनी और करनी, दबंगता से प्रभावित है और उन्हें उनका भविष्य इनैलो में ही सुरक्षित नजर आता है। हरियाणा की नारी शक्ति तो आरंभ से ही ताऊ देवीलाल की नीतियों से प्रभावित रही है और वर्तमान में अभय चौटाला में ही ताऊ देवीलाल की नीतियों को अमलीजामा पहनाना उन्हें नज़र आ रहा है। हरियाणा के राजनीतिक गलियारों में सिर्फ ताऊ देवीलाल सम्मान दिवस की चर्चा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सम्मान दिवस की सफलता इनैलो के लिए राजनीतिक दरवाजे खोलेगी, वहीं कांग्रेस को राजनीतिक क्षति का नुक़सान झेलना पड़ सकता है।

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