द्रास (कारगिल), 26 जुलाई। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कहा कि हाल ही में किए गए “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक ने पाकिस्तान को एक स्पष्ट और सख्त संदेश दिया है कि आतंकवाद को समर्थन देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
कारगिल वॉर मेमोरियल में वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश था और पहलगाम आतंकी हमले का निर्णायक जवाब भी। इस बार भारत ने केवल शोक नहीं मनाया, बल्कि यह दिखा दिया कि जवाब निर्णायक और ठोस होगा।”
उन्होंने कहा कि अब भारत की नई नीति है कि देश की एकता, अखंडता या संप्रभुता को चुनौती देने वाली किसी भी ताकत को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
“अब भारत का ‘न्यू नॉर्मल’ यही है — सख्त और सर्जिकल प्रतिक्रिया,” उन्होंने कहा।
ऑपरेशन सिंदूर की बड़ी बातें:
पाकिस्तान में आतंकवाद के नौ हाई-वैल्यू टारगेट्स को खत्म किया गया।
कोई भी कोलेटरल डैमेज (आम नागरिक या संपत्ति का नुकसान) नहीं हुआ।
आतंकी ढांचे को सटीक तरीके से निशाना बनाकर निर्णायक विजय प्राप्त की गई।
8 और 9 मई को पाकिस्तान की ओर से की गई कायराना हरकतों का माकूल जवाब दिया गया।
भारतीय सेना की ताकत में हो रहा विस्तार:
सेना प्रमुख ने बताया कि उन्होंने हाल ही में एक नई स्ट्राइक ब्रिगेड “रुद्र ऑल ऑफ ब्रिगेड” को मंजूरी दी है, जिसमें इंफैंट्री, मैकेनाइज्ड यूनिट्स, आर्टिलरी, स्पेशल फोर्सेस और ड्रोन यूनिट्स को एक जगह संगठित किया जाएगा।
इसके साथ ही भैरव लाइट कमांडो यूनिट भी बनाई गई है, जो हमेशा सीमाओं पर दुश्मन को चौंकाने के लिए तैयार रहती है।
हर इन्फैंट्री बटालियन में अब एक ड्रोन प्लाटून तैनात की जा रही है।
“शक्तिबान रेजिमेंट” की स्थापना की गई है जो ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और लूटर म्यूनिशन से सुसज्जित होगी।
देश में बने स्वदेशी मिसाइल सिस्टम से एयर डिफेंस को और अधिक ताकतवर बनाया जा रहा है।
जनरल द्विवेदी ने अंत में कहा, “देश आज सुरक्षित है क्योंकि हमारे वीर सैनिकों ने बर्फीली चोटियों पर अपने प्राणों की आहुति दी। हम उनके बलिदान को नमन करते हैं, जिनकी वजह से हम आज सम्मान के साथ शांतिपूर्ण जीवन जी पा रहे हैं।”
