राम भक्त एवं जनता के हृदय पर छाये रहने वाले बाबू कल्याण सिंह की जन्म जयन्ती पर भाजपा जिला अध्यक्ष हंसराज पप्पू ने बाबू कल्याण सिंह जी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया

रामपुर । उक्त अवसर पर उन्होंने कहा कि राममंदिर आंदोलन के सबसे बड़े चेहरे और दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे रामभक्त स्व. कल्याण सिंह का सारा जीवन संघर्षों भरा रहा है। वे बेशक दो बार सूबे के मुख्यमंत्री बने। मगर देश की राजनीति में हिंदुत्व के नायक का खिताब उन्होंने यूं ही नहीं पाया। न कभी पद पर बने रहने के लिए उसूलों से समझौता किया और न राजनीति में सौदा किया। एक इंटर कॉलेज के शिक्षक से लेकर सूबे के मुख्यमंत्री व राज्यपाल तक के संघर्षों भरे सफर की डगर बेहद कांटों भरी रही। जिसके दम पर वे हिंदू हृदय सम्राट तक कहलाए गए।
वह राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रह चुके हैं। इससे पहले वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। वो दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। विवादित बाबरी मस्जिद विध्वंस होने के समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह लोधी जी थे उत्तर प्रदेश के लोग कल्याण सिंह जी को प्यार से बाबूजी पुकारते थे और उन्हें 26 अगस्त 2014 को राजस्थान का राज्यपाल नियुक्त किया गया। उन्हें प्रखर राष्ट्रवादी राजनेता के रूप में जाना जाता था। उन्हें वर्ष 2022 में भारत का दूसरा सर्वोच्च पुरस्कार पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया है।वह आज भी जनमानस के मध्य याद किए जाते हैं।उक्त अवसर पर जगपाल यादव, मोहन लोधी, मनीष लोधी, दिनेश शर्मा आदि बहुत सारे लोग उपस्थित थे।

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