मानसून में सुरक्षित रेल संचालन को लेकर पूर्वोत्तर रेलवे अलर्ट: प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी ने किया बनारस–प्रयागराज रामबाग रेलखंड का व्यापक सेफ्टी ऑडिट”
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी। मानसून के दौरान सुरक्षित, संरक्षित एवं निर्बाध रेल संचालन सुनिश्चित करने तथा रेलखंड की क्षमता वृद्धि की कार्ययोजना के अंतर्गत प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे श्री नीरज गुप्ता ने आज मुख्यालय गोरखपुर से आई अंतरमंडलीय टीम के साथ वाराणसी मंडल के बनारस–ज्ञानपुर रोड–प्रयागराज रामबाग रेलखंड का व्यापक सेफ्टी ऑडिट निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य इंजीनियर (सामान्य) अशोक कुमार, मुख्य सिग्नल इंजीनियर सौरभ श्रीवास्तव, मुख्य विद्युत इंजीनियर (सामान्य) सुरेश कुमार, उप मुख्य संरक्षा अधिकारी (सिग्नल) आर.के. शर्मा तथा वाराणसी मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) अशोक कुमार वर्मा, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी आशुतोष गुप्ता, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (तृतीय) आयुष कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर (समन्वय) यशवीर सिंह, मंडल परिचालन प्रबंधक रमेश पाण्डेय, मंडल विद्युत इंजीनियर दीपक यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं वरिष्ठ पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
सेफ्टी ऑडिट के अंतर्गत टीम ने रेलखंड में स्थित समपार फाटकों, पुल-पुलियाओं एवं लिमिटेड हाइट सब-वे का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान हाइट गेज, ट्रैक गेज, ट्रैक एवं सड़क स्तर, बूम लॉकिंग व्यवस्था, चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर स्टिकर, सोलर लाइट, गेटमैन केबिन, गेटमैन की कार्य दक्षता तथा उनके पीरियाडिकल मेडिकल एग्जामिनेशन (PME) अभिलेखों की विस्तृत जांच की गई।
ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर ऑडिट टीम ने वीडीयू पैनल, पॉइंट एवं क्रॉसिंग संख्या-207A, स्विच एक्सपेंशन जॉइंट संख्या-31, स्टेशन यार्ड, समपार फाटक संख्या-39A, लॉन्ग वेल्डेड रेल संख्या-16 सहित विभिन्न संरक्षा परिसंपत्तियों का निरीक्षण किया। साथ ही इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं परिचालन विभाग के संरक्षा से जुड़े कर्मचारियों की दक्षता, सक्षमता प्रमाणपत्र एवं PME अभिलेखों का भी परीक्षण किया गया। इसके बाद ज्ञानपुर रोड–भीटी के मध्य स्थित समपार संख्या-42AC एवं 42BC का निरीक्षण किया गया।
हंडिया खास स्थित ट्रैक्शन सब स्टेशन (TSS) में पावर डिस्ट्रीब्यूशन एवं फेल-सेफ प्रणाली की जांच कर संरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया गया। इसके बाद रामनाथपुर–झूंसी खंड में विस्तारित कर्व संख्या-21 पर रेल पथ, ओवरहेड ट्रैक्शन प्रणाली के खिंचाव एवं त्वरण का परीक्षण करते हुए टीम प्रयागराज रामबाग स्टेशन पहुंची।
प्रयागराज रामबाग स्टेशन पर बर्थिंग ट्रैक, पॉइंट मशीन, सिग्नलिंग प्रणाली, पैदल उपरिगामी पुल, प्लेटफॉर्म क्लियरेंस, अग्निशमन एवं अलार्म प्रणाली, स्टेशन वर्किंग रूल्स, रिले रूम, पॉइंट एवं क्रॉसिंग तथा विभिन्न उपकरणों की फेल-सेफ प्रणाली का विस्तृत निरीक्षण किया गया। साथ ही ट्रैक फिटिंग्स, बोल्ट फिटिंग्स, लाइनर एडजस्टमेंट एवं ट्रैक्शन लाइन फिटिंग्स का भी परीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
ऑडिट टीम ने ट्रैकमैन एवं अन्य लाइन कर्मचारियों के पुनश्चर्या प्रशिक्षण, संरक्षा संबंधी ज्ञान एवं जागरूकता की भी समीक्षा की। इसके अतिरिक्त प्रयागराज रामबाग स्थित डीजल लॉबी एवं रनिंग रूम का निरीक्षण कर गार्ड एवं लोको पायलटों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, विश्राम व्यवस्था, व्यायाम एवं स्वच्छ भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया। टीम ने स्वयं भोजन का स्वाद लेकर उसकी गुणवत्ता एवं शुद्धता की भी जांच की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के समापन पर अंतरमंडलीय सेफ्टी ऑडिट टीम ने प्रयागराज रामबाग से बनारस तक डाउन लाइन पर विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के माध्यम से पूरे रेलखंड की संरक्षा, परिचालन व्यवस्था एवं संरक्षा मानकों के अनुपालन का व्यापक मूल्यांकन किया गया तथा भविष्य में और अधिक सुरक्षित एवं सुचारु रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
