अमेरिका की टैरिफ धमकियों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पहुंचे रूस, एस-400 और Su-57 डील पर होगी चर्चा

नई दिल्ली/मॉस्को, 7 अगस्त — अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ लगाने की धमकियों को दरकिनार करते हुए भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल रूस पहुंच गए हैं। डोभाल की यह रणनीतिक यात्रा भारत-रूस रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

इस दौरान डोभाल और रूसी अधिकारियों के बीच अतिरिक्त एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणालियों की खरीद और Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट को लेकर भी अहम बातचीत होने की संभावना है।

एस-400 डील में भारत-रूस की नई रणनीति
द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और रूस के बीच बातचीत में भारत में ही एस-400 निर्माण सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव भी शामिल है। ये वही एस-400 प्रणाली है जिसने “ऑपरेशन सिंदूर” जैसे अभियानों में अहम भूमिका निभाई थी।

ब्रह्मोस और रूसी सहयोग
भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली ने भी पाकिस्तान के खिलाफ अभियानों में रणनीतिक बढ़त दिलाई थी। डोभाल की इस यात्रा से भारत और रूस के बीच एक बड़ा रक्षा सौदा होने की संभावना जताई जा रही है, जिसमें Su-57 जैसे एडवांस फाइटर जेट की खरीद भी शामिल हो सकती है।

ट्रंप की धमकी और भारत की प्रतिक्रिया
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले सप्ताह भारत पर 25% आयात शुल्क लगाने की घोषणा की थी। उन्होंने भारत द्वारा रूस से तेल आयात जारी रखने को लेकर यह निर्णय लिया है।

बुधवार को ट्रंप प्रशासन ने आधिकारिक आदेश जारी कर भारत से होने वाले आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की मंजूरी दी, जिसमें कहा गया कि रूस से तेल खरीदना अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के लिए खतरा है।

भारत ने जताई नाराजगी
भारत ने अमेरिका के इस रवैये पर कड़ा रुख अपनाते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के माध्यम से बयान जारी किया। उन्होंने कहा:

“यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अमेरिका ने भारत पर उन कार्यों के लिए अतिरिक्त शुल्क लगाया है, जो कई अन्य देश भी अपने राष्ट्रीय हित में कर रहे हैं। हम दोहराते हैं कि ये कार्य अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण हैं। भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।”

भारत ने साफ कर दिया है कि वह बाहरी दबाव में झुकने वाला नहीं है और अपनी ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएगा।

अजीत डोभाल की रूस यात्रा भारत की विदेश और रक्षा नीति में स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक मानी जा रही है। आने वाले समय में भारत-रूस के बीच होने वाले संभावित रक्षा समझौते से न केवल सैन्य शक्ति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.