डमी टैग से बाहर निकल रहे सैनी साहिब पार्टी वर्करों, आम जनता और विपक्ष का दिल जीता प्रशासनिक पकड़ ढीली

गुस्ताखी माफ हरियाणा — पवन कुमार बंसल

डमी टैग से बाहर निकल रहे सैनी साहिब
पार्टी वर्करों, आम जनता और विपक्ष का
दिल जीता प्रशासनिक पकड़ ढीली
सीएमओ में मनोहर लाल के लॉयल
अफसरों का दबदबा कायमi
पत्रकारों के लिए कैशलेस हेल्थ पॉलिसी
अटकाकर सैनी सरकार की किरकिरी
करवा रहा मनोहर लाल का
चेला आईएएस अफसरi

हरियाणा की राजनीति में अब धीरे-धीरे एक नई तस्वीर उभरती दिख रही है। नायब सिंग सैनी पर शुरू में लगे “डमी सीएम” के टैग से वे बाहर निकलते नजर आ रहे हैं। उनका मिलनसार स्वभाव पार्टी कार्यकर्ताओं, आम जनता ही नहीं बल्कि विपक्ष के कुछ नेताओं के बीच भी सकारात्मक चर्चा का विषय बन रहा है।
सैनी लगातार लोगों के बीच जाकर संवाद बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ प्रशासनिक व्यवस्था पर उनकी पकड़ अभी उतनी मजबूत दिखाई नहीं देती। सत्ता के गलियारों में यह चर्चा आम है कि सीएम ऑफिस और नौकरशाही के कई अहम पदों पर अब भी पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के करीबी अधिकारियों का प्रभाव कायम है। मीडिया सलाहकारों से लेकर प्रशासनिक तंत्र तक पुराने चेहरे हावी बताए जाते हैं।
इसी वजह से कई फैसलों और योजनाओं का राजनीतिक लाभ मुख्यमंत्री को नहीं मिल पा रहा। पत्रकारों के लिए कैशलेस हेल्थ पॉलिसी लागू न होने का मामला भी चर्चा में है। सरकार के भीतर ही कुछ अफसरशाही खींचतान और पुराने प्रभावों की वजह से यह योजना आगे नहीं बढ़ पा रही, जिसका राजनीतिक नुकसान सीधे सैनी सरकार की छवि को हो रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि नायब सैनी को पूरी तरह अपनी कार्यशैली स्थापित करनी है, तो उन्हें प्रशासनिक टीम पर भी अपनी स्पष्ट पकड़ बनानी होगी। जनता से जुड़ाव उनकी ताकत है, लेकिन शासन में असर दिखाने के लिए फैसलों का जमीन पर उतरना भी उतना ही जरूरी होगा।

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