मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का निधन, 38 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

Mulayam Singh Yadav के छोटे बेटे Prateek Yadav का 38 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था। बताया जा रहा है कि उन्हें सुबह करीब पौने छह बजे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है और मौत की वास्तविक वजह रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी अध्यक्ष Akhilesh Yadav के सौतेले भाई थे। अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव की पहली पत्नी मालती देवी के बेटे हैं, जबकि प्रतीक यादव दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र थे।

अपर्णा यादव के पति थे प्रतीक यादव

प्रतीक यादव भारतीय जनता पार्टी की नेता और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष Aparna Yadav के पति थे। उनके निधन की खबर के बाद समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी दोनों दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

हालांकि प्रतीक यादव सक्रिय राजनीति से दूर रहते थे, लेकिन यादव परिवार की एकता में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती थी। वे मुख्य रूप से व्यवसाय से जुड़े हुए थे और अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते थे।

लग्जरी कारों के शौकीन थे प्रतीक यादव

प्रतीक यादव अक्सर अपने महंगे कार कलेक्शन को लेकर चर्चा में रहते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पास कई लग्जरी गाड़ियां थीं। राजनीति से दूरी बनाए रखने के बावजूद वे हमेशा सुर्खियों में बने रहते थे।

प्रतीक और अपर्णा यादव की दो बेटियां भी हैं।

मौत की वजह पर सस्पेंस

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के दिनों में प्रतीक यादव और अपर्णा यादव के बीच तनाव की खबरें भी सामने आई थीं। हालांकि, परिवार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस और अस्पताल प्रशासन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।

यादव परिवार में शोक की लहर

इस घटना के बाद यादव परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। Mulayam Singh Yadav का निधन वर्ष 2022 में हुआ था। उस दौरान प्रतीक यादव अपने भाई अखिलेश यादव के साथ दिखाई दिए थे और उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि अखिलेश ही मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाएंगे।

अब परिवार एक और बड़ी त्रासदी से गुजर रहा है। लखनऊ और सैफई में राजनीतिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

सत्ता और परिवार के बीच संतुलन की चुनौती

प्रतीक यादव का निधन एक बार फिर यह याद दिलाता है कि राजनीतिक परिवारों का निजी जीवन भी संघर्षों और अनिश्चितताओं से भरा होता है। सत्ता और परिवार के बीच संतुलन बनाए रखना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहता है। इस दुखद घटना ने पूरे उत्तर प्रदेश को भावुक कर दिया है।

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