Mirzapur: वज्रपात एवं आंधी-तूफान से बचाव को लेकर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जारी की एडवाइजरी

सावधानी से बचाई जा सकती है जन-धन की हानि : जिलाधिकारी

  • रिपोर्ट: मंजय वर्मा

मीरजापुर। 01 जुलाई को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आंधी-तूफान और वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव को लेकर एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। अपर जिलाधिकारी (वि/रा) अजय सिंह और आपदा विशेषज्ञों ने बताया कि इन मौसमी परिवर्तनों के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे जनहानि, पशु हानि, मकानों की क्षति और लोग घायल होने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

बचाव हेतु क्या करें:

पक्के मकान की शरण लें।

खिड़की, दरवाजे और बरामदे से दूर रहें।

पेड़, मोबाइल टावर, बिजली के खंभे, तालाब व जलाशय से दूरी बनाएं।

बच्चों को बाहर खेलने न दें, लोहे की वस्तुओं को न छुएं।

खुले खेत में फंसने की स्थिति में घुटनों के बल उकड़ू बैठ जाएं और कान बंद कर लें।

‘सचेत ऐप’ व ‘दामिनी ऐप’ का उपयोग करें, जो गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। ये ऐप्स मौसम की सटीक जानकारी और अलर्ट प्रदान करते हैं।

क्या न करें:

पेड़ों के नीचे न खड़े हों।

दीवार के सहारे न बैठें।

धातुयुक्त उपकरण, छाता, नल या फ्रिज न छुएं।

भारी विद्युत उपकरणों को प्लग से निकाल दें।

खुले वाहनों में यात्रा न करें, तैराकी या नौकायन से बचें।

आंधी-तूफान के दौरान विशेष सावधानियां:

टिन की छत, होर्डिंग, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें।

छत या खुले स्थानों पर रखी भारी वस्तुएं बांधकर रखें।

यात्रा कर रहे हों तो सुरक्षित स्थान पर रुक जाएं।

क्या न करें:

धारदार व नुकीली वस्तुएं खुले में न रखें।

धातु की वस्तुओं और पेड़ की शरण से बचें।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन दिशा-निर्देशों का पालन कर स्वयं को और दूसरों को सुरक्षित रखें।

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