मनोहर लाल की मनोहर योजना, घर से लिफ्ट में निकले और सीधे मेट्रो स्टेशन पर उतरे

हरियाणा , ( ऐलनाबाद )  ( डॉ एम पी भार्गव ): केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी आवास मंत्री मनोहर लाल अपनी मनोहर योजनाओं के लिए जाने जाते हैं। उनकी योजनाएं भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार की जाती हैं। कल्पना कीजिए कि आप सुबह अपने अपार्टमेंट से निकलें और लिफ्ट से सीधे मेट्रो स्टेशन में प्रवेश कर जाएं। बीच में ऑटो, कैब या ई-रिक्शा का कोई झंझट ही न रहे। यही भविष्य की तस्वीर है, जिसे शहरी विकास मंत्रालय गुरुग्राम और एनसीआर के अन्य शहरों के लिए तैयार कर रहा है।
केंद्रीय शहरी विकास, आवास एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना के शिलान्यास मौके पर इस महत्वाकांक्षी योजना का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मेट्रो स्टेशनों के ऊपर या आसपास मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग बनाई जाएंगी, जिनमें प्राइवेट बिल्डर्स की साझेदारी होगी। इन बिल्डिंग्स को सीधे मेट्रो से जोड़ा जाएगा, ताकि लोग ‘डोर-टू-डोर कनेक्टिविटी’ का लाभ उठा सकें।
मनोहर लाल बताते हैं कि दुनिया के कई विकसित शहरों में मेट्रो स्टेशनों को सीधे कमर्शियल और रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स से जोड़ा गया है। अब यह मॉडल एनसीआर में भी लागू होगा। मेट्रो सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट सुविधा नहीं, बल्कि शहरी जीवनशैली का हिस्सा बनेगी। अहमदाबाद में मेट्रो स्टेशन के ऊपर बना फाइव स्टार होटल मॉडल इसमें अहम रोल प्ले करेगा। शहरी विकास मंत्रालय इस पर तेजी से काम कर रहा है।
अभी तक मेट्रो को लेकर सबसे बड़ी चुनौती यही रही है कि स्टेशन तक पहुंचने के लिए यात्रियों को निजी गाड़ियों, ऑटो या ई-रिक्शा का सहारा लेना पड़ता है। इससे ट्रैफिक का बोझ बढ़ता है और समय भी बर्बाद होता है। लेकिन नयी योजना इस समस्या का स्थायी हल देने वाली है। टोक्यो, सिंगापुर व दुबई के इस मॉडल की गुजरात के गांधीनगर में शुरू हो चुकी है, जहां मेट्रो स्टेशन पर फाइव स्टार होटल बनाया गया है।
अहमदाबाद दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल इस प्रोजेक्ट को कायदे समझ भी चुके हैं। उन्होंने अपने मंत्रालय को एनसीआर में भी इसी कंसेप्ट पर काम करने के लिए कार्ययोजना बनाने के आदेश दे दिए हैं। मेट्रो स्टेशन के ऊपर मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग्स और डायरेक्ट कनेक्टिविटी की यह योजना एनसीआर में ट्रांसपोर्ट एवं शहरी विकास को नया चेहरा देगी। प्राइवेट बिल्डरों की भूमिका : सरकार इस योजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर लागू करेगी। बिल्डर्स को मेट्रो स्टेशनों के आसपास डेवलपमेंट का अधिकार दिया जाएगा। बदले में उन्हें स्टेशन से डायरेक्ट कनेक्टिविटी बनानी होगी। इससे बिल्डर्स को भी फायदा होगा, क्योंकि ऐसी लोकेशन पर प्रॉपर्टी की कीमतें और डिमांड दोनों बढ़ेंगी। रियल एस्टेट विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे ‘वॉक टू वर्क, वॉक टू मेट्रो’ की अवधारणा मजबूत होगी और शहरी जीवनशैली अंतर्राष्ट्रीय स्तर की होगी। दुबई में मेट्रो से सीधे होटल और बिजनेस टावर्स जुड़े हुए हैं, जिससे पर्यटक और बिजनेस ट्रैवलर बिना सड़क पर आए गंतव्य तक पहुंच जाते हैं। कुछ इसी तर्ज पर अब मनोहर लाल एनसीआर में इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इस योजना के सिरे चढ़ने से सड़क पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों का काफी समय और पैसा बचेगा।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.