अमृतसर पुलिस की बड़ी कामयाबी, ISI समर्थित दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़; 9 आरोपी गिरफ्तार
रेलवे ट्रैकों पर CCTV लगाकर पाकिस्तान भेजी जा रही थी फुटेज, पुलिस ने समय रहते नाकाम की साजिश
-4 नाबालिगों समेत 9 गिरफ्तार, पिस्तौल, कारतूस, पेट्रोल बम और CCTV उपकरण बरामद
-पुलिस कमिश्नर की अपील— अभिभावक और शिक्षक युवाओं को कट्टरपंथ और लालच से बचाने में निभाएं अहम भूमिका
- रिपोर्ट: ललित शर्मा
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत एक बड़े एंटी-टेरर ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े दो सीमा पार आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 4 नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध पिस्तौल, जिंदा कारतूस, पेट्रोल बम, CCTV कैमरे, मोटरसाइकिल और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की है।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि पहला मॉड्यूल रेलवे ट्रैकों के पास CCTV कैमरे लगाकर वहां की लाइव फुटेज पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलरों को भेज रहा था। इसका उद्देश्य भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाना, रेलवे सहित महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की रेकी करना और पंजाब की शांति एवं कानून-व्यवस्था को प्रभावित करना था। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर इस साजिश को विफल कर दिया।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सबसे पहले वंश नामक युवक को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से .32 बोर का देसी पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए। उसकी निशानदेही पर हरमन उर्फ हम्मू, सुखदेव, अनमोल और अन्य साथियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि हरमन और सुखदेव पहले भी अवैध हथियारों के मामलों में गिरफ्तार हो चुके थे और जमानत पर बाहर आने के बाद दोबारा ISI हैंडलरों के संपर्क में आ गए थे। पुलिस के अनुसार इस मॉड्यूल को Paytm के माध्यम से आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही थी, जिसकी वित्तीय जांच की जा रही है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि दूसरे मॉड्यूल के सदस्यों को विदेश में बैठे ISI हैंडलरों द्वारा ऑनलाइन निर्देश दिए जा रहे थे। उन्हें पुलिस थानों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और पुलिसकर्मियों की रेकी करने, पेट्रोल बम हमलों की योजना बनाने और लोगों में दहशत फैलाने के लिए उकसाया जा रहा था। पुलिस ने इस मॉड्यूल के कब्जे से चार पेट्रोल बम, एक पिस्तौल, एक लाइटर और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने खुलासा किया कि जांच में यह भी सामने आया है कि यह समूह पहले दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचा था, जहां उन्हें हैंडलरों की ओर से सामग्री उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि वे अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके और बाद में पंजाब लौट आए। पुलिस अब पूरे नेटवर्क, विदेशी फंडिंग और अन्य सहयोगियों के संबंधों की गहन जांच कर रही है।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि 15 से 20 वर्ष की आयु के युवा सोशल मीडिया और पैसों के लालच में आकर ऐसी गतिविधियों का हिस्सा बन रहे हैं। इसे रोकने के लिए पंजाब पुलिस की ओर से डी-रेडिकलाइजेशन अभियान चलाया जा रहा है। सांझ केंद्रों में युवाओं और उनके अभिभावकों की काउंसलिंग की जा रही है, ताकि वे किसी भी प्रकार के बहकावे या विदेशी एजेंसियों के जाल में न फंसें।
उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे युवाओं पर नजर रखें और उन्हें देश विरोधी तत्वों के बहकावे से बचाने के लिए जागरूक करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस किसी भी आतंकी या देश विरोधी साजिश को सफल नहीं होने देगी और प्रदेश की शांति भंग करने वाले हर तत्व के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
