एल.के.वी.डी. कॉलेज के हिंदी विभाग में तुलसीदास की भक्ति भावना विषय पर संगोष्ठी का आयोजन 

(ताजपुर ) समस्तीपुर । डॉ. एल.के.वी.डी. कॉलेज ताजपुर समस्तीपुर के तत्वावधान में बुधवार को हिंदी विभाग में डॉ. प्रभात रंजन ‘कर्ण’ की अध्यक्षता में “तुलसीदास की भक्ति भावना”विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसके समन्वयक विभागाध्यक्ष डॉ. विनीता कुमारी एवं संयोजक,सहायक प्राध्यापक,डॉ.अखिलेश कुमार तथा डॉ. मनोज कुमार हैं।
अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए प्राचार्य डॉ. प्रभात रंजन कर्ण ने कहा कि तुलसीदास हिंदी सनातन परंपरा के महत्वपूर्ण कवि हैं। उनकी भक्ति पद्धति समन्वयवादी है। तुलसीदास ने रामचरितमानस के माध्यम से भगवान राम को घर-घर तक पहुंचाने का काम किया।इन्होंने सामाजिक,राजनीतिक, एवं सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने का प्रयत्न किया।
डॉ.सत्येन कुमार ने कहा कि रामचरितमानस हिंदी साहित्य एवं भक्ति परम्परा दोनों में महत्वपूर्ण है। रामचरितमानस हिंदी सनातन धर्म परंपरा का महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
समन्वयक विभागाध्यक्ष डॉ. विनीता कुमारी ने कहा कि तुलसीदास वैष्णव भक्ति एवं शैव भक्ति को लेकर भक्ति परंपरा को एक नई दिशा दी। राम भक्ति परंपरा के महत्वपूर्ण एवं कालजयी कवि के रूप में तुलसीदास हमेशा प्रासंगिक रहेंगे।
संयोजक डॉ.अखिलेश कुमार ने कहा कि तुलसी का सारा काव्य समन्वय की विराट चेष्टा है। गोस्वामी तुलसीदास हिंदी के गौरवशाली कवि हैं। तुलसीदास ने सगुण एवं निर्गुण, शैव एवं वैष्णव तथा ज्ञान एवं भक्ति का समन्वय किया।
संयोजक डॉ. मनोज कुमार ने कहा तुलसीदास नवधा भक्ति एवं दास्य भक्ति को लेकर सनातन भक्ति परंपरा को समृद्ध किया। अवतारवाद के माध्यम से राम के लोक रक्षक स्वरूप का वर्णन किया।
इस मौके पर डॉ.उदय कुमार, श्री निशिकांत जायसवाल, डॉ. हुस्न आरा, डॉ. सुमन कुमार पोद्दार, श्री रजत सुभ्रो दास, डॉ.हरिमोहन प्रसाद सिंह, डॉ.संजीव कुमार विद्यार्थी, डॉ.शहनाज आरा, डॉ.शाजिया परवीन, डॉ.दद्दन राम, डॉ गायत्री कुमारी, डॉ अनिल कुमार शर्मा, डॉ. दुर्गा पटवा, डॉ. शशी प्रभा, डॉ. रीना दुबे और बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं शिक्षकेत्तर कर्मी मौजूद रहे।
साथ ही प्राचार्य डॉ प्रभात रंजन कर्ण ने प्रथम आई छात्रा रितुका कंचन, द्वितीय स्थान प्राप्त प्रेयसी कुमारी एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली सुरभि कुमारी को पुरस्कृत किया।

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