कारगिल विजय दिवस: शहीद सूबेदार तरलोक सिंह की शहादत को नमन, परिवार ने साझा की गर्व भरी यादें

राणेवाली का शहीदी गेट बना वीरता का प्रतीक, बेटे ने कहा— हर बार गुजरते हुए पिता को करता हूं सलाम"पिता की शहादत हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा"— हरपाल सिंहशहीदों के बलिदान को कभी न भूलें, युवाओं से हरपाल सिंह की भावुक अपील

अमृतसर/अजनाला। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देशभर में शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। इसी कड़ी में अजनाला के गांव राणेवाली में कारगिल युद्ध के वीर शहीद सूबेदार तरलोक सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान शहीद के परिवार ने उनकी शहादत को याद करते हुए गर्व और भावुकता से जुड़ी कई यादें साझा कीं। परिवार का कहना है कि उन्हें अपने पिता के सर्वोच्च बलिदान पर हमेशा गर्व रहेगा और उनकी शहादत पूरे परिवार के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है।

शहीद के पुत्र हरपाल सिंह, जो वर्तमान में तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की ओर से उनके परिवार को पूरा सम्मान दिया गया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने सम्मान स्वरूप उन्हें सरकारी नौकरी भी प्रदान की, जिसके लिए पूरा परिवार सरकार का आभारी है।

हरपाल सिंह ने बताया कि गांव राणेवाली के बाहर शहीद सूबेदार तरलोक सिंह की स्मृति में एक भव्य शहीदी स्मारक द्वार (शहीदी गेट) बनाया गया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जब भी वह इस गेट के नीचे से गुजरते हैं तो अपने पिता को सलाम करते हैं और उन्हें ऐसा महसूस होता है मानो उनके पिता आज भी उनके साथ खड़े हों और उनका मार्गदर्शन कर रहे हों।

उन्होंने कहा कि उनके पिता का सबसे बड़ा सपना अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाकर उन्हें ऊंचे पदों पर देखना था। आज वे अपने पिता के दिखाए रास्ते पर चलने का प्रयास कर रहे हैं और उनकी शहादत को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा मानते हैं।

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर हरपाल सिंह ने देश के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीदों को कभी न भूलें। उन्होंने कहा कि आज देश जिस आजादी और सुरक्षित वातावरण का आनंद ले रहा है, वह भारतीय सेना के वीर जवानों की अदम्य वीरता और सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है।

गांव राणेवाली में भी कारगिल विजय दिवस के अवसर पर लोगों ने शहीद सूबेदार तरलोक सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनकी वीरता, देशभक्ति तथा सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

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