INLD Nuh Rally 2026: इनैलो की मेवात रैली “कहीं पे निगाहें, कहीं पे निशाना”, हरियाणा में राजनीतिक गतिविधियां तेज , नूह रैली पर सबकी निगाहें ….

INLD Nuh Rally 2026 ( डॉ एम पी भार्गव, विशेष संवाददाता ): कल रविवार को नूंह में इनैलो की सम्मान रैली को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि रैली विशेषज्ञ इनैलो की मेवात रैली कांग्रेस को राजनीतिक घाव और भाजपा को आईना दिखाने का संकेत देने जा रही है कि उनका “कहीं पे निगाहें, कहीं पे निशाना” है। ताऊ स्व देवीलाल की 113वीं जयंती पर होने वाले सम्मान समारोह पर सबकी नजरें टिकी हुई है क्योंकि इस सम्मान समारोह से न सिर्फ इनैलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला के राजनीतिक कद में इजाफा होगा, बल्कि प्रदेश की राजनीति के समीकरणों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
इनैलो ने रोहतक में किया था एक विशाल समारोह का आयोजन
इससे पहले इनैलो ने रोहतक में एक विशाल समारोह का आयोजन किया था, जिसे राजनीतिक विश्लेषक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा की हरियाणवी राजनीति में कांग्रेसी चौधर को एक चुनौती के तौर पर देखते हैं और अब मेवात में कांग्रेस के बढ़ते जनाधार में सेंधमारी का कार्ड खेला है। मेवात में ताऊ देवीलाल के समर्थकों की कमी नहीं है। हरियाणा में कांग्रेस आपसी कलह से जूझती हुई बिखराव की राह पकड़ रही है और सत्तारुढ़ भाजपा आमजन की उम्मीद पर खरा नहीं उतरतीं नजर आने लगी है।
ऐसी राजनीतिक स्थिति में आमजन को इनैलो ही आशा की किरण नजर आती है। वैसे भी हरियाणा की राजनीति में इनैलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला को दबंग और बात का धनी कहा जाता है। यही कारण कहा जा सकता है कि इनैलो का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है,जो कांग्रेस की राजनीतिक धड़कनें बढ़ा रहा है, वहीं भाजपा के लिए भी कई राजनीतिक संकेत छोड़ रहा है। कांग्रेस के विधायकों पर भाजपा ने “डोरा” डालना शुरू कर दिया है ओर काफी हद तक उन्हें सफलता मिलती भी दिखाई दे रही है , जिसकी पुष्टि राज्यसभा चुनाव से होनी है और वर्ष 2028 में रिक्त हो रही राज्यसभा सीटों को भाजपा के बढ़ता डोरा अभियान एक दर्जन पार कर सकता है, ऐसे आसार नजर आ रहे हैं।
इनैलो की राजनीति भाजपा के लिए संजीवनी साबित हो सकती है
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इनैलो की राजनीति कांग्रेस को जहां राजनीतिक घाव देते हुए भाजपा के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। वर्ष 2029 के चुनाव परिणाम क्या रहेंगे, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर तिकोनी चुनावी टक्कर में इनैलो “किंगमेकर” भी हो सकती है। कांग्रेस अपनों से जूझ रही है और समांतर भाजपा सत्तारूढ़ भाजपा के बढ़ते जनाधार पर अंकुश लगाने और हिचकोले खा रहे संगठन को मजबूत करने में बाधक बनी हुई है।
हरियाणा में आमजन को इनैलो की आशा की किरण नजर आने लगी है ,जिसका प्रमाण बढ़ता जनाधार करता है। अभय चौटाला का होमवर्क इतना मजबूत हो गया है कि प्रमुख विपक्षी दल के 37 विधायक होने के बावजूद मात्र दो विधायकों वाली इनैलो ने विपक्षी भूमिका में कांग्रेस को पिछाड दिया है। मेवात रैली को लेकर क्यास लगाया जाने लगा है कि इनैलो सुप्रीमो अभय चौटाला की भावी रणनीति और राजनीति करवट लेकर हरियाणा का राजनीतिक मानचित्र में बदलाव देखने को मिल सकता है।
नूँह की यह रैली भाजपा, कांग्रेस, ओर इनेलो की स्थिति को स्पष्ट करने का काम करेगी, अब देखना है कि चौधरी अभय सिंह चौटाला अपने लक्ष्य को कितनी सफलता प्रदान करवा पाते हैं और कांग्रेस अपनी सक्रियता किस गति से बढ़ा कर अपने गंतव्य तक पहुंच पाने का प्रयास करती है, इन सभी गतिविधियों को भाजपा खामोशी से कैच करके अपनी आगामी राजनीतिक रणनीति को सुगम बनाने का रास्ता तलाश करने अपने आकाओं के साथ जुट गई है।
