“जीवन को महकाना है तो फूलों-सा बनना होगा” — गुस्ताखी माफ हरियाणा

गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल

हमारी जागरूक पाठक डॉ. सुमिता मिश्रा, एसीएस हरियाणा, के सौजन्य से

फूलों की तरह बनना होगा,
यदि जीवन को महकाना है।
काँटों की चुभन सहनी होगी,
यदि जीवन-पथ पर चलना है।

जीवन को सार्थक करना है तो
फूलों-सा समर्पण करना होगा।

 

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