सड़कों पर घूमते पशु धन मिले तो मालिक पर होगी कार्रवाई, सरकारी सुविधाओं से भी होंगे वंचित

Ellanabad, September 3 ( डॉ एम पी भार्गव ): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में बेसहारा गौवंश सड़कों पर नजर नहीं आना चाहिए। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर बेसहारा पशुओं को पकड़ा जाए तथा प्रत्येक पशु की टैगिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पशुओं की पहचान सुनिश्चित होने से यदि किसी घर या गौशाला से पशु बाहर आता है तो संबंधित पशुपालक की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री मंगलवार को सचिवालय में गौ सेवा आयोग और पशुपालन विभाग की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान हरियाणा के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद थे। बैठक में प्रदेश में बेसहारा गौवंश की समस्या, गौशालाओं की व्यवस्थाओं, गौ अभ्यारण्यों, नस्ल सुधार तथा गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कई बार कुछ पशुपालक सुबह और शाम पशुओं का दूध निकालने के बाद उन्हें खुले में घूमने के लिए छोड़ देते हैं, जिससे पशु सड़कों पर बेसहारा अवस्था में नजर आते हैं। ऐसे मामलों में संबंधित पशुपालक की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने पर चर्चा हुई। इस दौरान पहली बार पशु पकड़े जाने पर 11 हजार रुपये, दूसरी बार 21 हजार रुपये का जुर्माना तथा तीसरी बार पशु पकड़े जाने पर एफआईआर दर्ज करने जैसी सख्त कार्रवाई का प्रावधान किए जाने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही ऐसे पशुपालकों को सरकार की ओर से पशुओं के लिए दी जाने वाली सुविधाओं, जैसे वैक्सीनेशन, इंश्योरेंस प्रीमियम आदि से वंचित करने तथा उनका नाम नेगेटिव लिस्ट में डालने की व्यवस्था करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 707 गौशालाएं पंजीकृत हैं, जिनमें करीब 4 लाख गौवंश है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आवारा कुत्तों की समस्या पर भी संज्ञान लेते हुए इसके प्रभावी समाधान के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नगर निकाय विभाग और पशुपालन विभाग संबंधित गाइडलाइन के अनुसार समन्वय के साथ कार्य करें।

इस दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक मीणा, पशुपालन विभाग के महानिदेशक डॉ प्रेम सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

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