जनपद में एच1एन1 एवं जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) के एक-एक मामले की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
जनपद रामपुर में एच1एन1 और जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) का एक-एक मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए संबंधित क्षेत्रों में निगरानी एवं जांच का कार्य तेज कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है तथा संदिग्ध लक्षण मिलने पर तत्काल जांच कराई जा रही है।
एच1एन1 के मामले में 80 घरों के 345 लोगों का स्वास्थ्य सर्वे
UDSP पोर्टल पर एच1एन1 का एक मामला रिपोर्ट हुआ है। संबंधित मरीज रामपुर के घेर कलंदर खान क्षेत्र के निवासी हैं और वर्तमान में निमोनिया के उपचार के लिए टीएमयू में भर्ती हैं। मरीज की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार बताया गया है तथा उन्हें आवश्यक दवा ओसेल्टामीविर उपलब्ध करा दी गई है।
मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। अर्बन टीम द्वारा तीन फील्ड टीमें गठित कर घर-घर स्वास्थ्य सर्वे कराया गया। टीमों ने 80 घरों में 345 लोगों की जांच/स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की। सर्वे में बुखार के साथ खांसी, गले में खराश अथवा सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण वाला कोई व्यक्ति नहीं मिला।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित क्षेत्र में आगामी 15 दिनों तक प्रतिदिन निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी व्यक्ति में एच1एन1 जैसे लक्षण पाए जाने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर आवश्यक जांच एवं उपचार कराया जाएगा।
जेई के मामले में भी स्वास्थ्य विभाग ने की त्वरित कार्रवाई
जनपद में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) का एक मामला भी सामने आया है। मरीज की आयु 2 वर्ष 3 माह है और वह ग्राम खजुरिया कलां, ब्लॉक बिलासपुर का निवासी है। मरीज वर्तमान में सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी में उपचाराधीन है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गांव में पहुंचकर स्थिति का सत्यापन किया गया। टीम को क्षेत्र में कुछ स्थानों पर सूकर पालन की जानकारी मिली। संबंधित विभाग को सूकर पालकों को चिन्हित करने तथा आवश्यक सर्विलांस कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित क्षेत्र में मच्छरों की रोकथाम के लिए नाले-नालियों एवं लार्वा पनपने वाले स्थानों पर लार्वीसाइड का छिड़काव कराया गया।
3 सितम्बर को प्रभावित गांव में 8 स्वास्थ्य टीमों द्वारा घर-घर जाकर सघन सर्वे कराया गया। इस दौरान 10 लोगों में बुखार पाया गया। सभी के रक्त नमूने लेकर डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, स्क्रब टाइफस एवं लेप्टोस्पायरोसिस की जांच के लिए भेजे गए हैं।
प्राथमिक विद्यालय खजुरिया कलां में भी स्वास्थ्य टीम द्वारा कैंप लगाकर अध्यापकों एवं विद्यार्थियों का फीवर सर्विलांस किया गया।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दीपा सिंह ने आमजन से अपील की है कि बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, सांस लेने में कठिनाई अथवा तेज बुखार के साथ मानसिक स्थिति में बदलाव जैसे लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय सलाह लें।
वेक्टर जनित रोगों से बचाव के लिए घर के अंदर और आसपास पानी जमा न होने दें, साफ-सफाई रखें, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें और पूरी बांह के कपड़े पहनें। पीने के पानी को उबालकर अथवा क्लोरीन युक्त पानी का ही प्रयोग करें।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। जनपद में स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की पूरी नजर है और आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
