Gurjeet Singh Aujla Amritsar: पंजाब में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त: गुरजीत सिंह औजला का आप सरकार पर बड़ा हमला।
पंजाब में कानून व्यवस्था ध्वस्त, पुलिस का राजनीतिकरण कर रही आप सरकार: सांसद गुरजीत सिंह औजला
Gurjeet Singh Aujla Amritsar: कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने पंजाब सरकार और राज्य की पुलिस कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से चरमरा चुकी है। खासकर ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले शहर अमृतसर को एक सोची-समझी साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है ताकि यहां दहशत फैले और पर्यटन कारोबार को भारी नुकसान पहुंचे।
अमृतसर को बदनाम करने की साजिश
सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि अमृतसर एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र है, जहां रोजाना लगभग डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय में यहां कई पुलिस थानों पर ग्रेनेड हमले हुए हैं और कई पुलिसकर्मियों पर सीधे गोलियां चलाई गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे संभव है? औजला के अनुसार, प्रतिष्ठित संस्थानों और पुलिस को निशाना बनाकर दुनिया भर में अमृतसर की एक नकारात्मक छवि बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
डीजीपी दफ्तर और हाईकोर्ट की दखलअंदाजी पर सवाल
ईडी से जुड़े मामले और डीजीपी को जारी समन पर बोलते हुए सांसद ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा कथित गलत नियुक्तियों और अधिकारियों के पीए की संदिग्ध गतिविधियों पर संज्ञान लेने के बावजूद राज्य पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि जब डीजीपी कार्यालय एक महीने तक टालमटोल करता रहा, तब जाकर मामला हाईकोर्ट और जनहित याचिका (PIL) के जरिए सीबीआई को सौंपने का निर्देश हुआ। औजला ने इसे बेहद शर्मनाक करार देते हुए कहा कि जब पुलिस प्रमुख का दफ्तर ही कानून के मुताबिक काम करने में विफल रहेगा और अदालत को दखल देना पड़ेगा, तो फिर पुलिस की वास्तविक उपयोगिता क्या रह जाती है?
पुलिस का ‘आप’करण और वीआईपी सुरक्षा पर फिजूलखर्ची
औजला ने राज्य सरकार पर पंजाब पुलिस का पूरी तरह से राजनीतिकरण करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस बल का एक बड़ा हिस्सा आम नागरिकों की सुरक्षा में लगने के बजाय सत्ता पक्ष के वीआईपी और बाहर से आए चहेते लोगों की सुरक्षा में तैनात है। पंजाब डेवलपमेंट बोर्ड सहित विभिन्न पदों पर बैठे बाहरी लोगों को भारी वेतन और सुरक्षा दी जा रही है, जिससे आम जनता असुरक्षित महसूस कर रही है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को प्रताड़ित करने का आरोप
सांसद ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार पुलिस को अपने राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। अमृतसर में कांग्रेस पार्षदों और स्थानीय नेताओं पर बिना किसी ठोस जांच के तुरंत एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मामूली विवादों में भी कांग्रेस से जुड़े लोगों के परिवार और बीमार परिजनों तक को घसीट कर हिरासत में ले लिया जाता है।
अंत में औजला ने कहा कि आम नागरिक अपनी शिकायतों के समाधान के लिए थानों के चक्कर काटते-काटते थक जाता है, लेकिन राजनीतिक बदले की भावना के तहत विपक्ष के खिलाफ पुलिस ‘फास्ट-ट्रैक’ पर काम कर तुरंत पर्चे दर्ज कर देती है। यह दोहरा रवैया राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था और न्याय प्रणाली के लिए अत्यंत चिंताजनक है।
