गाजियाबाद में फैक्ट्री पर गंभीर आरोप: करोड़ों की GST चोरी, 150 मजदूरों के शोषण और प्रदूषण को लेकर शिकायत

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक औद्योगिक इकाई को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक कंपनी पर करोड़ों रुपये की कथित GST चोरी, श्रम कानूनों के उल्लंघन, प्रदूषण नियमों की अनदेखी और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

कंपनी पर करोड़ों की टैक्स चोरी का आरोप

शिकायत के अनुसार, बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र के बी-20 में स्थित रायँसे पैक प्रा. लि. पर हर साल करोड़ों रुपये की GST चोरी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। कंपनी के निदेशक पीयूष कात्या और शुभम कात्या के खिलाफ भी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित विभागों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

150 मजदूरों के काम करने का दावा

शिकायत में दावा किया गया है कि फैक्ट्री में सरकारी रिकॉर्ड में केवल 8 से 10 मजदूरों की मौजूदगी दिखाई जाती है, जबकि वास्तविकता में करीब 150 मजदूर काम करते हैं। आरोप है कि इन कर्मचारियों को PF और ESI जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं।

यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह श्रम कानूनों के पालन को लेकर गंभीर मामला हो सकता है।

Fire NOC और प्रदूषण अनुमति पर भी सवाल

शिकायतकर्ता ने फैक्ट्री में कथित तौर पर बिना अग्निशमन विभाग की NOC और प्रदूषण संबंधी अनुमति के प्लास्टिक एवं गुटखे के पाउच बनाए जाने का आरोप लगाया है। साथ ही फैक्ट्री से निकलने वाले प्रदूषण के कारण मजदूरों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने का भी दावा किया गया है।

शिकायत में दमा, अस्थमा और फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख करते हुए संबंधित विभागों से जांच की मांग की गई है।

मजदूर का हाथ क्षतिग्रस्त होने का भी दावा

शिकायतकर्ता विकास शर्मा के अनुसार, करीब 20 दिन पहले फैक्ट्री में काम करने के दौरान एक मजदूर का हाथ क्षतिग्रस्त हो गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मामले में प्रभाव के चलते FIR दर्ज नहीं होने दी गई।

इस आरोप की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से आधिकारिक कार्रवाई या बयान सामने आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

मुख्यमंत्री समेत अधिकारियों से शिकायत

शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, GST विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रदूषण नियंत्रण विभाग को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

अब निगाहें प्रशासन और संबंधित विभागों की जांच पर हैं। यदि जांच में टैक्स चोरी, श्रम कानूनों के उल्लंघन या प्रदूषण नियमों की अनदेखी के आरोप सही पाए जाते हैं, तो कंपनी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है।

नोट: खबर में लगाए गए आरोप शिकायत के आधार पर हैं। संबंधित कंपनी, उसके निदेशकों और प्रशासन का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

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