गौतम अडाणी रिश्वत केस मद्रास हाईकोर्ट पहुंचा; गृह मंत्रालय से जांच कराने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में भी लगी है याचिका

चेन्नई : अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी और उनके साथ 8 अन्य व्यक्तियों पर अरबों रुपये की रिश्वत देने और धोखाधड़ी करने के आरोप का मामला अब मद्रास हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। इस संदर्भ में याचिका दायर करते हुए आवेदकों ने गृह मंत्रालय से जांच कराने की मांग की है। याचिका में विशेष जांच टीम (SIT), एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED), और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से मामले की गहन जांच करने के निर्देश देने की अपील की गई है।

इसके पहले, इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी, जिसमें आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी। आरोप है कि अडाणी और अन्य आरोपी ने भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के माध्यम से अरबों रुपये की रिश्वत दी, जो सरकारी और निजी संस्थाओं से संबंधित थे।

मद्रास हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि इस मामले में केंद्र सरकार को एक निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चतम स्तर की जांच सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि इस बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हो सके और दोषियों को सजा दिलाई जा सके। याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि इस मामले में उच्च स्तरीय जांच एजेंसियों का हस्तक्षेप आवश्यक है, ताकि कानून और व्यवस्था की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसी भी प्रकार की राजनीतिक दबाव से बचा जा सके।

अडाणी ग्रुप पर आरोपों के बाद, इस मामले ने न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक मोर्चे पर भी तीव्र बहस को जन्म दिया है। देश भर में इसकी गूंज सुनाई दे रही है और अडाणी ग्रुप की वित्तीय और कानूनी स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।

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