खैरथल-तिजारा जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह सक्रिय, मिलावटखोरों पर कसा शिकंजा
जनवरी 2025 से विभाग पूर्ण रूप से हुआ सुचारू, लिए गए सैकड़ों सैंपल
खैरथल-तिजारा, 11 जून: राजस्थान सरकार द्वारा नवगठित खैरथल-तिजारा जिले में जनवरी 2025 से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा विभाग ने सक्रिय रूप से कार्य प्रारंभ कर दिया है। इस दौरान जिला कलेक्टर किशोर कुमार के निर्देशों के अंतर्गत 56 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 77 एनफोर्समेंट सैंपल और 158 सर्विलांस सैंपल लिए गए।
13 सैंपल सब-स्टैंडर्ड, 6 सैंपल अनसेफ
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, लिए गए सैंपलों में 13 सैंपल मानक से कमतर (सब-स्टैंडर्ड) और 6 सैंपल असुरक्षित (अनसेफ) श्रेणी में पाए गए। ऐसे मामलों में एफएसएसएआई अधिनियम 2006 के अंतर्गत 6 माह की सजा और ₹5 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है।
तीन विशेष अभियान – होली, ग्रीष्मकालीन और फलों-सब्जियों पर फोकस
जनवरी से मई 2025 के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा तीन प्रमुख अभियान चलाए गए:
- होली अभियान
- ग्रीष्मकालीन अभियान
- फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स अभियान
इन अभियानों के तहत 35 एनफोर्समेंट सैंपल और 55 सर्विलांस सैंपल लिए गए। पहली बार प्रदेशभर में फलों और सब्जियों में रासायनिक मिलावट की जांच हेतु विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 150 किलो केमिकलयुक्त फल नष्ट किए गए।
घी, अचार, पनीर और मिठाइयों की बड़ी जब्ती
विशेष अभियान के दौरान विभाग ने:
- 500 किलो घी
- 110 किलो अचार
- 400 किलो दूषित पनीर
- 150 किलो मिठाई
को जब्त या नष्ट किया।
मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन से 1278 सैंपल की जांच
जिले में मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन का संचालन भी जारी है, जिसके माध्यम से जनवरी से मई 2025 तक 1278 सैंपल लिए गए, जिनमें से 55 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। इस वैन के जरिए आम जनता निःशुल्क दूध, घी, मसाले और मिठाइयों की जांच करवा सकती है। साप्ताहिक कार्यक्रमों के माध्यम से मिलावट की जानकारी और जागरूकता भी फैलाई जा रही है।
फोस्ट्रेक ट्रेनिंग से 500 से अधिक व्यापारियों को सर्टिफिकेट
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा भारत सरकार की फोस्ट्रेक योजना के अंतर्गत जिले के 500 से अधिक दूध विक्रेता, होटल व्यवसायी और किराना व्यापारियों को ट्रेनिंग देकर निःशुल्क फोस्ट्रेक सुपरवाइजर सर्टिफिकेट दिए जा चुके हैं। यह प्रमाणपत्र अब खाद्य व्यापार के लिए अनिवार्य दस्तावेज बन चुका है।
अब तक ₹19.40 लाख का जुर्माना, आगे भी सख्त कार्रवाई जारी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट ने बताया कि वर्ष 2024-25 के दौरान 15 प्रतिष्ठानों पर ₹19.40 लाख का जुर्माना माननीय एडीएम कोर्ट द्वारा लगाया जा चुका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में मिलावटखोरों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को भी खाद्य सुरक्षा से समझौता करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
