Floor Tiles Crack Repair: फर्श की टाइल्स में पड़ गई है दरार? मिस्त्री बुलाने से पहले घर पर ऐसे करें ग्राउट रिपेयर
Floor Tiles Crack Repair: घर में नई टाइल्स लगने के बाद फर्श का लुक काफी बेहतर नजर आता है। साफ-सुथरी और चमकदार टाइल्स घर की खूबसूरती बढ़ाने का काम करती हैं। लेकिन समय बीतने के साथ अक्सर दो टाइल्स के बीच बनी सफेद या रंगीन लाइन में दरार दिखाई देने लगती है। कई बार टाइल्स के बीच भरा हुआ ग्राउट टूटकर निकलने भी लगता है। इससे न सिर्फ फर्श का लुक खराब होता है, बल्कि टाइल्स के जोड़ में धूल और पानी जमा होने की समस्या भी बढ़ सकती है।
ऐसी स्थिति में बहुत से लोग तुरंत मिस्त्री बुलाने या पूरी टाइल बदलवाने के बारे में सोचने लगते हैं। हालांकि, हर बार ऐसा करना जरूरी नहीं होता। अगर समस्या सिर्फ टाइल्स के बीच मौजूद ग्राउट में है और टाइल अपनी जगह मजबूती से लगी हुई है, तो छोटी-मोटी मरम्मत घर पर भी की जा सकती है। इसके लिए पहले यह समझना जरूरी है कि दरार सिर्फ ग्राउट में है या टाइल के नीचे की सतह में भी कोई समस्या है।
टाइल्स के बीच ग्राउट का क्या काम होता है?
दो टाइल्स के बीच जो पतली जगह दिखाई देती है, उसे ग्राउट से भरा जाता है। इसका काम सिर्फ टाइल्स के बीच की खाली जगह को भरना नहीं है, बल्कि यह फर्श को एक समान और साफ लुक देने में भी मदद करता है। ग्राउट टाइल्स के जोड़ में धूल और पानी के जाने को कम करने में भी मदद करता है।
समय के साथ तापमान, नमी और फर्श में होने वाली हल्की हलचल का असर टाइल्स के जोड़ पर पड़ सकता है। टाइल्स के फैलने या सिकुड़ने की वजह से ग्राउट पर दबाव पड़ सकता है। इसी कारण इसमें बारीक दरारें आने लगती हैं या कुछ जगहों से ग्राउट झड़ने लगता है।
सिर्फ पुराना ग्राउट ही समस्या की वजह नहीं
अगर टाइल्स के बीच का ग्राउट टूट रहा है, तो जरूरी नहीं कि खराबी सिर्फ ग्राउट में ही हो। कई बार इसकी वजह टाइल्स के नीचे मौजूद बेस सतह भी हो सकती है। अगर बेस ठीक से समतल नहीं है, कमजोर है या टाइल्स लगाने से पहले सतह को सही तरीके से तैयार नहीं किया गया है, तो ऊपर लगी टाइल्स पर दबाव पड़ सकता है।
नए बने घरों में भी कुछ समय बाद ग्राउट में दरार दिखाई दे सकती है। तापमान और नमी में बदलाव से टाइल्स में हल्का फैलाव और सिकुड़न हो सकती है। इसका दबाव टाइल्स के बीच के जोड़ तक पहुंचता है और ग्राउट कमजोर हो सकता है।
अगर सिर्फ एक छोटी जगह पर ग्राउट खराब हुआ है, तो उसे रिपेयर करना आसान हो सकता है। लेकिन अगर घर के कई हिस्सों में लगातार दरारें दिखाई दे रही हैं, तो सिर्फ ऊपर से नया ग्राउट भरना पर्याप्त नहीं हो सकता। ऐसी स्थिति में टाइल्स के नीचे की सतह की जांच जरूरी हो सकती है।
ग्राउट बनाते समय पानी की मात्रा का रखें ध्यान
ग्राउट तैयार करने में भी सावधानी जरूरी है। इसमें जरूरत से ज्यादा पानी डालने से सूखने के बाद इसकी मजबूती और पकड़ प्रभावित हो सकती है। वहीं, बहुत कम पानी होने पर ग्राउट सही तरीके से मिक्स नहीं हो पाता।
इसके अलावा टाइल्स के बीच के जोड़ में ग्राउट भरते समय यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि खाली जगह पूरी तरह भर जाए। अगर जोड़ के अंदर कहीं खाली जगह रह गई, तो उस हिस्से से ग्राउट दोबारा टूटना शुरू हो सकता है।
नया ग्राउट लगाने के बाद उसे पर्याप्त समय तक सूखने और सेट होने देना भी जरूरी है। जल्दबाजी में फर्श पर पानी डालना, सफाई करना या भारी सामान रखना नई परत को नुकसान पहुंचा सकता है।
बाथरूम और किचन में ग्राउट जल्दी क्यों खराब होता है?
बाथरूम, किचन, बालकनी और वॉश एरिया जैसी जगहों पर टाइल्स के जोड़ अपेक्षाकृत जल्दी खराब हो सकते हैं। इन जगहों पर पानी का संपर्क बार-बार होता है। पानी टाइल्स के बीच के जोड़ में जाता है और फिर सूखता है। बार-बार नमी और सूखने की प्रक्रिया से समय के साथ ग्राउट कमजोर पड़ सकता है।
अगर टाइल्स के नीचे वॉटरप्रूफिंग ठीक नहीं है, तो नमी अंदर तक पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति में सिर्फ ऊपर से नया ग्राउट भरने से समस्या स्थायी रूप से खत्म नहीं होगी। अगर रिपेयर के कुछ समय बाद उसी जगह ग्राउट फिर से टूट जाए या निकलने लगे, तो अंदर मौजूद नमी की समस्या की जांच कराना जरूरी हो सकता है।
भारी सामान रखने से भी बढ़ सकता है दबाव
घर में सोफा, अलमारी, वॉशिंग मशीन या अन्य भारी सामान रखने से फर्श पर दबाव पड़ता है। सामान्य परिस्थितियों में यह हमेशा समस्या नहीं बनता, लेकिन अगर टाइल पहले से कमजोर बेस पर लगी है, तो अतिरिक्त दबाव परेशानी को बढ़ा सकता है।
इसी तरह किसी भारी वस्तु के फर्श पर जोर से गिरने से भी टाइल या उसके जोड़ में अचानक दरार आ सकती है। इसलिए अगर किसी एक स्थान पर अचानक ग्राउट टूट गया है, तो आसपास की टाइल्स को भी ध्यान से देखना चाहिए।
कैसे पता करें कि समस्या सिर्फ ग्राउट में है?
सबसे पहले उस हिस्से को ध्यान से देखें जहां दरार दिखाई दे रही है। अगर टाइल अपनी जगह मजबूती से लगी हुई है और केवल दो टाइल्स के बीच का ग्राउट टूटा है, तो इसे दोबारा भरकर समस्या को ठीक किया जा सकता है।
लेकिन अगर टाइल पैर रखने पर हिलती है, दबाने पर आवाज आती है, उसके नीचे से खोखली आवाज सुनाई देती है या टाइल खुद भी टूट गई है, तो सिर्फ ग्राउट बदलना पर्याप्त नहीं होगा। ऐसी स्थिति में टाइल के नीचे की बेस सतह की समस्या हो सकती है।
घर पर टूटे हुए ग्राउट को कैसे रिपेयर करें?
अगर जांच के बाद यह साफ है कि समस्या सिर्फ ग्राउट में है, तो छोटी जगह की मरम्मत घर पर की जा सकती है। सबसे पहले पुराने और ढीले ग्राउट को सावधानी से निकालना होगा। इस दौरान आसपास की टाइल्स को नुकसान न पहुंचे, इसका ध्यान रखें।
पुराना ग्राउट हटाने के बाद टाइल्स के बीच बने जोड़ को अच्छी तरह साफ करें। वहां जमा धूल, छोटे टुकड़े और अन्य मलबा निकालना जरूरी है। साफ जोड़ पर नया ग्राउट बेहतर तरीके से बैठ सकता है।
इसके बाद नए ग्राउट को उसके पैकेट पर दिए गए निर्देशों के अनुसार तैयार करें। तैयार सामग्री को टाइल्स के बीच की खाली जगह में अच्छी तरह भरें। कोशिश करें कि जोड़ में कोई खाली स्थान न रह जाए। इसके बाद सतह को बराबर करें।
टाइल्स के आसपास अगर अतिरिक्त ग्राउट लग गया है, तो उसे सूखने से पहले साफ कर दें। इससे टाइल्स की सतह पर दाग या कठोर परत बनने की समस्या कम होगी।
नया ग्राउट भरने के बाद सबसे जरूरी है उसे पर्याप्त समय देना। ग्राउट को पूरी तरह सेट होने से पहले फर्श पर ज्यादा पानी डालने या भारी सामान रखने से बचना चाहिए।
पुराने ग्राउट के ऊपर सीधे नया ग्राउट न भरें
ग्राउट रिपेयर करते समय एक सामान्य गलती यह होती है कि लोग पुराने टूटे हुए ग्राउट के ऊपर ही नया ग्राउट लगा देते हैं। अगर पुरानी परत पहले से कमजोर होकर निकल रही है, तो उसके ऊपर लगाया गया नया ग्राउट भी लंबे समय तक टिक नहीं पाएगा।
इसलिए पहले कमजोर, ढीली और टूटी हुई पुरानी परत को हटाना जरूरी है। उसके बाद जोड़ को साफ करके नई सामग्री भरनी चाहिए। इससे नए ग्राउट को बेहतर पकड़ मिलने में मदद मिल सकती है।
कब घर पर रिपेयर करने के बजाय जांच जरूरी है?
अगर एक ही जगह बार-बार ग्राउट टूट रहा है, कई टाइल्स में एक साथ दरार दिखाई दे रही है, टाइल हिल रही है या उसके नीचे से खोखली आवाज आ रही है, तो समस्या सिर्फ ऊपर की ग्राउट लाइन तक सीमित नहीं हो सकती।
ऐसी स्थिति में बार-बार नया ग्राउट भरने के बजाय टाइल्स के नीचे की सतह, नमी और बेस की स्थिति की जांच कराना बेहतर होगा। खासकर बाथरूम और किचन जैसे हिस्सों में अगर ग्राउट बार-बार खराब हो रहा है, तो वॉटरप्रूफिंग से जुड़ी समस्या को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इस तरह, टाइल्स के बीच छोटी दरार या खराब ग्राउट दिखाई देने पर हर बार पूरी टाइल बदलवाने की जरूरत नहीं होती। अगर टाइल मजबूत है और समस्या केवल जोड़ में मौजूद ग्राउट तक सीमित है, तो पुराने कमजोर ग्राउट को हटाकर जोड़ को साफ करने के बाद नया ग्राउट लगाया जा सकता है। लेकिन बार-बार होने वाली दरार, हिलती हुई टाइल या अंदरूनी नमी जैसी समस्या दिखाई दे तो केवल सतही मरम्मत के बजाय मूल कारण की जांच करना जरूरी है।
