रामगंगा के तट में साहित्यिक संवाद” का सफलतापूर्वक पहला आयोजन

रामगंगा किनारे 100 वर्ष के बाद हुआ साहित्यिक संवादरामगंगा किनारे अल्फ़ाज़ अपने फाउंडेशन ने आयोजित किया साहित्यिक संवाद

मुरादाबाद: अल्फ़ाज़ अपने फाउंडेशन द्वारा पहली बार आयोजित “रामगंगा की छांव में साहित्यिक संवाद” का आयोजन मुरादाबाद के लालबाग स्थित रामगंगा तट पर हर्षोल्लास और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अनूठे कार्यक्रम में शहर के साहित्य प्रेमियों, कवियों, और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का उद्देश्य साहित्य और संवाद के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना था, जिसे उपस्थित सभी गणमान्य साहित्यकारों और कवियों ने अपने-अपने शब्दों में बखूबी प्रस्तुत किया। इस दौरान मुरादाबाद के साहित्यिक इतिहास को भी जानने का अवसर मिला। अल्फ़ाज़ अपने फाउंडेशन की इस पहल ने मुरादाबाद में साहित्य के प्रति एक नई जागरूकता का संचार किया और समाज को साहित्यिक दृष्टिकोण से जोड़ने में सफलता प्राप्त की। कार्यक्रम में डॉ. अजय अनुपम, डॉ. आसिफ हुसैन, डॉ. मनोज रस्तौगी ने मुरादाबाद के साहित्यिक इतिहास पर प्रकाश डाला तो वहीं डॉ. मुजाहिद फ़राज़, ज़िया जमीर, फरहत अली खान, असद मौलाई, ने अपनी शायरी से समा बांध दिया। वहीं पल्लवी भारद्वाज ने माता का सुंदर भजन गाया एवं राजीव प्रखर ने दोहे और गीत प्रस्तुति दी। साथ ही कार्यक्रम में लालबाग चौकी इंचार्ज ओम शुक्ला भी पूरे कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

मुख्य आकर्षण और आयोजन की प्रमुख बातें
कार्यक्रम में प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने अपनी कविताओं और लेखनी के माध्यम से साहित्यिक समाज में व्याप्त विभिन्न मुद्दों पर अपनी बेबाक राय प्रस्तुत की। इस दौरान वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अजय अनुपम, डॉ. आसिफ हुसैन, डॉ. मनोज रस्तौगी, डॉ. मुज़ाहिद फ़राज़, ज़िया ज़मीर, राजीव प्रखर, एवं पल्लवी भारद्वाज ने साहित्य को लेकर संवाद किया एवं अपनी रचनाएँ पढ़ीं। रामगंगा की छांव में आयोजित इस संवाद ने प्रतिभागियों और श्रोताओं को साहित्य की शक्ति से परिचित कराया। कार्यक्रम में प्रस्तुत कविताओं और संवादों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और साहित्य के प्रति उनके रुझान को बढ़ाया। इसी क्रम में मनोज रस्तौगी ने बताया कि रामगंगा किनारे यह इस तरह का कार्यक्रम आज 100 वर्ष बाद हुआ है।

संस्था की संस्थापिका अभिव्यक्ति सिन्हा ने इस सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, साहित्यकारों, और स्थानीय जनता का धन्यवाद किया और आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में जागरूकता का संचार होता रहेगा।

अल्फ़ाज़ अपने फाउंडेशन की आगामी योजनाएँ
इस सफल आयोजन के पश्चात, अल्फ़ाज़ अपने फाउंडेशन आने वाले महीनों में और भी साहित्यिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करने का इरादा रखता है। साथ ही प्रबंध निदेशक आकृति सिन्हा ने बताया कि अल्फ़ाज़ अगले 2 महीनों में अब रामपुर, चंदौसी, अमरोहा के बाद एक और नए शहर में कार्यक्रम आयोजित कराने जा रहा है।

धन्यवाद एवं आभार
अल्फ़ाज़ अपने फाउंडेशन इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए मुरादाबाद के सभी मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करता है और समाज में साहित्यिक जागरूकता लाने में उनके निरंतर सहयोग की अपेक्षा करता है। वहीँ कार्यक्रम उपरांत संस्था के सह-संस्थापक अमर सक्सैना ने सभी का आभार व्यक्त किया।

गौरतलब है कि अल्फ़ाज़ द्वारा हर माह ओपन माइक कार्यक्रम एवं समय समय पर कवि सम्मलेन और मुशायरा का आयोजन होता रहता है। संस्था का उद्देश्य समाज में साहित्य के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाना और युवा पीढ़ी को साहित्य से जोड़ना है। बताते चलें कि सामाजिक एवं साहित्यिक संस्था अल्फ़ाज़ हर महीने मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, चंदौसी, आदि अन्य शहरों में अपने कार्यक्रम आयोजित कराती रहती है।

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