निर्धारित तिथि तक रिपोर्ट न देने पर ‘प्रस्तुति उपलब्ध नहीं’ अंक — हरियाणा सरकार ने लगाई डंडा, लंबित विभागीय मामलों पर लगाई सख्त समीक्षा
हरियाणा। हरियाणा सरकार ने अधिकारियों व विभागों को कड़ा संदेश भेजा है — यदि तय समय पर रिपोर्ट नहीं दी गई, तो विभागीय रिकॉर्ड में उसका नाम ‘प्रस्तुति उपलब्ध नहीं’ अंकित किया जाएगा। यह कदम वर्षों से चली आ रही ढिलाई और सुस्ती को मिटाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सरकार द्वारा जारी मीटिंग नोटिस में कहा गया है कि अब पुराने लंबित मुद्दों की समीक्षा होगी और प्रत्येक विभाग को स्पष्ट जवाब देना होगा। बैठक में विशेष रूप से उन कई तमाम मामलों को शामिल किया गया है, जिनमें अब तक समाधान नहीं हुआ है —
किन मामलों की तैयारी
स्वामित्व योजना के लंबित मामलों का निपटारा
सफाई व्यवस्था, कचरा निस्तारण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
अवैध विज्ञापनों पर नियंत्रण और उनकी नई व्यवस्था
नगर निगमों की संपत्तियों का वैध उपयोग, किराया वसूली व राजस्व प्रबंधन
आवारा पशुओं पर नियंत्रण, जल निकासी व ड्रेनेज की देख-रेख
स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज सिस्टम, गंदे पानी की निकासी
शहरों में पुस्तकालय, सामुदायिक भवन व सार्वजनिक स्थानों का विकास
नगर निकायों द्वारा फील्ड विजिट अनिवार्य — जमीन पर वास्तविक स्थिति की जाँच
मशीनरी एवं कर्मचारियों की कमी, शिकायत निवारण व्यवस्था, पारदर्शी टैगिंग सिस्टम
साथ ही, स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर भी विशेष निगरानी तय की गई है।
स्वच्छता व प्रदूषण: स्वच्छ भारत मिशन 2025 के लक्ष्य
गारबेज वलनेरेबल पॉइंट्स हटाना
कचरा संग्रहण वाहनों की संख्या बढ़ाना
ठोस कचरा प्रबंधन इकाइयों की उचित देख-रेख
नागरिक शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई
वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए एंटी-धुंध तोप, GRAP योजना, पानी की स्प्रिंकलिंग
पब्लिक वाहनों व ईंधन-चालित वाहनों की जांच
अब दफ्तर नहीं, फील्ड विजिट अनिवार्य
दोबारा मीटिंग नोटिस के अनुसार, अधिकारियों को केवल दफ्तर बैठकर फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं करना है। उन्हें फील्ड जाकर स्वयं निरीक्षण करना होगा। और रिपोर्ट में स्पष्ट देना होगा — कब, कहाँ, किसने निरीक्षण किया; मौके पर क्या हाल देखा गया।
सीधा संदेश: अब लापरवाही पर नहीं होगा टोलरेंस
सरकार की इस नई व्यवस्था से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि अब लंबित योजनाओं, सुस्ती और आधी-अधूरी फाइलों को टाला नहीं जाएगा।
जो अधिकारी कार्य में तत्परता दिखाएंगे, वही व्यवस्था में टिके रहेंगे;
और जिन पर लापरवाही साबित होगी — उन्हें जवाबदेही भुगतनी पड़ेगी।
