रोजगार महा-उत्सव: 51 हजार युवाओं को नियुक्ति, भारत के विकास को नई उड़ान

  • रिपोर्ट: पंकज झां

वाराणसी। नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित रोजगार मेले को संबोधित करते हुए देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में चयनित 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह दिन इन युवाओं के जीवन में नई जिम्मेदारियों और राष्ट्र सेवा की शुरुआत का प्रतीक है, जहां हर नियुक्त युवा “नागरिक प्रथम” के भाव के साथ देश निर्माण में योगदान देगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है, जो लोकतंत्र के साथ मिलकर देश को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों पर ले जाने की क्षमता रखती है।

उन्होंने कहा कि आज भारत में स्टार्टअप, नवाचार और शोध का मजबूत वातावरण बन रहा है, जो युवाओं की प्रतिभा को नई दिशा दे रहा है।भारतीय रेलवे के अंतर्गत गोरखपुर में आयोजित इस कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी क्षेत्र में भी रोजगार बढ़ाने के लिए निरंतर काम कर रही है।

हाल ही में मंजूर की गई रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत युवाओं को पहली नौकरी पर 15,000 रुपये की सहायता देने और करोड़ों नए रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में “मेक इन इंडिया” और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं के कारण लाखों रोजगार सृजित हुए हैं। मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा निर्माण, रेलवे और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने बताया कि देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन कई गुना बढ़ा है और सैकड़ों इकाइयां युवाओं को रोजगार दे रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत की विकास यात्रा केवल उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से भी करोड़ों लोगों तक लाभ पहुंचा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और अन्य योजनाओं ने न केवल जीवन स्तर सुधारा है बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं।
प्रधानमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए लखपति दीदी योजना, नमो ड्रोन दीदी और अन्य स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत में महिलाएं अब नए आर्थिक अवसरों का हिस्सा बन रही हैं।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में करोड़ों लोग गरीबी से बाहर आए हैं और यह बदलाव रोजगार सृजन और विकास की मजबूत नीतियों का परिणाम है। उन्होंने नवनियुक्त युवाओं से राष्ट्र सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और “नागरिक देवो भव” के भाव के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

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