हिंदी आंदोलन के सत्याग्रही एवं संयुक्त पंजाब के पूर्व विधायक श्री सहीराम का निधन, क्षेत्र के नागरिकों व गणमान्यों ने दी श्रद्धाजंलि
सिरसा ( डॉ एम पी भार्गव )। हिंदी आंदोलन सत्याग्रही एवं संयुक्त पंजाब के अबोहर क्षेत्र से पूर्व विधायक व समाजसेवी श्री सहीराम का 104 वर्ष की आयु में शुक्रवार को निधन हो गया। गांव सकता खेड़ा में शुक्रवार को उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग, राजनीतिक प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए और उन्हें नमन किया। इस दौरान तहसीलदार सुनील कुमार, विधायक आदित्य देवीलाल, चेयरमैन देव कुमार शर्मा, मार्केट कमेटी चेयरमैन सतीश जग्गा, पूर्व विधायक अमित कुमार, पूर्व विधायक सीताराम, एसएचओ सलेन्द्र कुमार सहित अनेक लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
गौरतलब है कि 12 जनवरी 1922 को जन्मे सहीराम बिश्नोई ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा, सादगी और राष्ट्रभाषा हिंदी के उत्थान को समर्पित किया। हिंदी आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भागीदारी निभाई तथा यातनाएं भी झेलीं। हिंदी भाषा के प्रति उनके योगदान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने उन्हें “हिंदी आंदोलन सत्याग्रही” के रूप में सम्मानित किया था।
जीवन के 105वें वर्ष में भी वे बिना चश्मे के अखबार पढ़ते थे। वे सुबह जल्दी उठते, अक्सर खेतों और फल-सब्जी बाड़ी में काम करते और साधारण भोजन करते थे। आधुनिक जीवनशैली से दूर रहते हुए भी वे देश-दुनिया की खबर से अपडेट रहते। हिंदी अखबार पढ़ना उनकी रोजमर्रा की आदत थी। अपने अंतिम समय तक वे मानसिक और शारीरिक रूप से काफी सक्रिय रहे। उनकी स्मरण शक्ति भी बेहद मजबूत थी और वे विभाजन से लेकर आधुनिक भारत तक के अनेक ऐतिहासिक प्रसंग विस्तार से सुनाते थे।
