उत्तरी चीन के शानक्सी प्रांत स्थित लियुशेन्यु कोयला खदान में हुए भीषण गैस विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में अब तक 82 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 9 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। दुर्घटना के समय खदान में करीब 247 मजदूर काम कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि विस्फोट इतना तेज था कि कई मजदूर गैस और हवा के दबाव की चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हुए हैं, लेकिन धुएं, जहरीली गैस और भारी मलबे के कारण राहत कार्य में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
शी जिनपिंग ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए तेजी से बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक खदान प्रबंधन से जुड़े लोगों को हिरासत में ले लिया गया है और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है।
खदान के बाहर मजदूरों के परिजन अपनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। कई परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। बचाव दल विशेष उपकरणों की मदद से खदान के अंदर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
चीन दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक देश माना जाता है, लेकिन वहां की खदानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। शानक्सी प्रांत देश के सबसे बड़े कोयला उत्पादक क्षेत्रों में से एक है, जहां कई खदानें पुरानी तकनीक पर आधारित हैं। विशेषज्ञों के अनुसार गहरी खदानों में गैस जमा होने का खतरा अधिक रहता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और सख्त सुरक्षा नियमों के पालन से ऐसे हादसों को रोका जा सकता है। इस घटना ने एक बार फिर खदान मजदूरों की सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
