नई दिल्ली: फिल्म ‘पद्मावत’ के जौहर वाले सीन पर अभिनेत्री स्वरा भास्कर की टिप्पणी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी स्वरा भास्कर के बयान पर नाराजगी जताई है। उन्होंने अभिनेत्री का नाम लिए बिना जौहर को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि जौहर को कायरता कहना सही नहीं है, बल्कि उनके अनुसार यह वीरता और समर्पण का प्रतीक है।
स्वरा भास्कर पर क्या बोले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री?
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्वरा भास्कर का नाम लिए बिना उनके बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह काफी समय से खुद को नियंत्रित कर रहे थे, लेकिन अब प्रतिक्रिया देना जरूरी हो गया है।
उन्होंने रानी पद्मावती और जौहर का जिक्र करते हुए कहा कि जौहर को कायरता बताना गलत है। उनके मुताबिक जौहर वीरता का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति और मर्यादा को समझे बिना इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
इंटरफेथ मैरिज को लेकर भी साधा निशाना
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी टिप्पणी के दौरान स्वरा भास्कर की अंतरधार्मिक शादी को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने पति के प्रति समर्पण और जौहर के संदर्भ में अपनी बात रखी तथा स्वरा भास्कर की व्यक्तिगत जिंदगी को लेकर भी टिप्पणी की।
उनकी यह टिप्पणी अब जौहर विवाद के साथ-साथ अभिनेत्री की निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा का विषय बन गई है।
क्या है स्वरा भास्कर का जौहर वाला बयान?
दरअसल, स्वरा भास्कर ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान फिल्म ‘पद्मावत’ में दिखाए गए जौहर के दृश्य पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि इस दृश्य ने उन्हें परेशान किया और उनके मन में यह सवाल आया कि अपनी इज्जत बचाने के लिए महिलाओं का अपनी जान गंवाना कितना उचित है।
स्वरा की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हो गया। कुछ लोगों ने उनके बयान को इस तरह लिया कि वह रानी पद्मावती और जौहर करने वाली महिलाओं को कायर बता रही हैं। हालांकि, स्वरा भास्कर ने बाद में इस आरोप पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा था और उनके बयान को गलत तरीके से समझा गया।
विवाद में पहले भी आ चुके हैं कई नाम
स्वरा भास्कर के बयान पर प्रतिक्रिया देने वाले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अकेले नहीं हैं। इससे पहले अनिरुद्धाचार्य भी इस मुद्दे पर अपनी आपत्ति जता चुके हैं। वहीं बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने भी स्वरा के बयान पर नाराजगी व्यक्त की थी।
इस तरह ‘पद्मावत’ के जौहर दृश्य को लेकर शुरू हुआ विवाद अब धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक बहस का रूप लेता जा रहा है।
जौहर को लेकर क्या है विवाद?
जौहर का संबंध मध्यकालीन युद्धों और उन परिस्थितियों से जोड़ा जाता है, जब पराजय की स्थिति में महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से अपने जीवन का अंत करने की ऐतिहासिक परंपरा का उल्लेख मिलता है। रानी पद्मावती से जुड़ी जौहर की कथा भी भारतीय इतिहास और लोक परंपरा में लंबे समय से चर्चा का विषय रही है।
इस विषय को लेकर दो अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आते हैं। एक पक्ष इसे वीरता, त्याग और सम्मान की रक्षा से जोड़कर देखता है, जबकि दूसरा पक्ष महिलाओं के लिए ऐसी परिस्थितियों को गौरवान्वित किए जाने पर सवाल उठाता है और इसे महिलाओं की स्वतंत्रता तथा जीवन के अधिकार के नजरिए से देखता है।
इसी वैचारिक अंतर की वजह से स्वरा भास्कर की ‘पद्मावत’ के जौहर दृश्य पर की गई टिप्पणी के बाद विवाद बढ़ गया है।
स्वरा की सफाई के बाद भी जारी है विवाद
स्वरा भास्कर ने अपने बयान को लेकर सफाई दी है और कहा है कि उन्होंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा था। उनका तर्क था कि उनकी आपत्ति जौहर के चित्रण और उसके संदेश को लेकर थी।
इसके बावजूद उनके बयान पर प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी है। अब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी के बाद विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
