गुरुग्राम को ‘कूड़ाग्राम’ से इंटरनेशनल सिटी बनाने की मांग, सैनी सरकार को जनहित में सुझाव

गुस्ताख़ी माफ़, हरियाणा—पवन कुमार बंसल

हरियाणा में सैनी कैबिनेट की गुरुग्राम में प्रस्तावित बैठक को लेकर जनहित में कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता पवन कुमार बंसल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से अपील की है कि गुरुग्राम को माफियाओं के चंगुल से मुक्त कर अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, जहां 400 से अधिक फॉर्च्यून कंपनियों के मुख्यालय हैं और बड़े निवेशकों की नजर रहती है, एक “ग्रीन सिटी” बन सकता था। लेकिन अफसरों, नेताओं और बिल्डरों के गठजोड़ के चलते शहर की हालत बिगड़कर “कूड़ाग्राम” जैसी हो गई है। पॉश इलाकों में गिने जाने वाले डीएलएफ फेज-5 में भी कूड़े के ढेर और अव्यवस्थाएं साफ दिखाई देती हैं।

बंसल ने आरोप लगाया कि शहर में प्रॉपर्टी माफिया, शराब माफिया, अरावली क्षेत्र में अवैध खनन और अनधिकृत निर्माण तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां अन्य शहरों में प्रशासनिक इच्छाशक्ति से बदलाव संभव हुआ है, वहीं गुरुग्राम में बड़ी संख्या में अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद हालात सुधर नहीं पाए हैं।

शहर में जलभराव और ड्रेनेज की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। उन्होंने Gurugram Metropolitan Development Authority को “सफेद हाथी” बताते हुए कहा कि यहां विशेषज्ञों की भारी कमी है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह पर भी आरोप लगाए गए कि उन्होंने गैरतपुर क्षेत्र में आरक्षित वन भूमि से जुड़े मामलों में दबाव बनाया। इसके अलावा कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई गई, जहां आम लोगों को शिकायत दर्ज कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल उठाए गए। सरकारी अस्पतालों की स्थिति खराब बताई गई, जबकि वीआईपी के लिए निजी अस्पतालों की सुविधा तुरंत उपलब्ध हो जाती है।

इस मुद्दे पर रिटायर्ड इंजीनियर-इन-चीफ आर.के. गर्ग, पूर्व आईएफएस आर.के. शर्मा समेत कई जागरूक नागरिकों ने भी सुझाव दिए हैं। वहीं, पूर्व मुख्य सचिव टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने भी शहर के विकास के लिए सुझाव आमंत्रित किए थे।

बंसल ने कहा कि गुरुग्राम में मौजूद अनुभवी रिटायर्ड इंजीनियरों की सेवाएं लेकर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यवस्थाओं में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि इन सुझावों पर ठोस कार्रवाई की जाती है, तो गुरुग्राम को एक स्वच्छ और आधुनिक अंतरराष्ट्रीय शहर बनाया जा सकता है।

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