Cooking Oil Limit: दिन, हफ्ते और महीने में कितना तेल खाना है सुरक्षित? हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए डॉक्टर ने बताई सही मात्रा

क्या आप जरूरत से ज्यादा तेल तो नहीं खा रहे?

नई दिल्ली: भारतीय रसोई में तेल का इस्तेमाल लगभग हर व्यंजन में होता है। सब्जी का तड़का हो, पराठा, पूड़ी या पकौड़े—तेल स्वाद बढ़ाने के साथ खाना पकाने का अहम हिस्सा है। लेकिन जरूरत से ज्यादा तेल का सेवन दिल की सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि एक व्यक्ति को रोज, हफ्ते और महीने में कितना तेल खाना चाहिए। फरीदाबाद स्थित मारेंगो एशिया हॉस्पिटल्स के प्रोग्राम क्लिनिकल डायरेक्टर (कार्डियोलॉजी) डॉ. गजिंदर कुमार गोयल ने इस बारे में विस्तृत जानकारी दी है।

एक दिन में कितना तेल खाना चाहिए?

डॉ. गजिंदर कुमार गोयल के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति को पूरे दिन में 15 से 20 मिलीलीटर यानी लगभग 3 से 4 चम्मच तेल का ही सेवन करना चाहिए। इससे अधिक मात्रा में तेल का नियमित सेवन लंबे समय में हृदय रोग, मोटापा और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।

महीने में कितना तेल पर्याप्त माना जाता है?

डॉक्टर के मुताबिक, यदि एक व्यक्ति प्रतिदिन 15–20 मिलीलीटर तेल का सेवन करता है, तो उसके लिए एक महीने में 500 से 600 मिलीलीटर तेल पर्याप्त माना जाता है।

यदि परिवार में चार सदस्य हैं, तो पूरे परिवार के लिए करीब 2 लीटर तेल प्रति माह पर्याप्त होना चाहिए। हालांकि, भारतीय परिवारों में अक्सर 5 से 10 किलो तक तेल का इस्तेमाल हो जाता है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से अधिक माना जाता है।

दिल के लिए कौन-सा तेल बेहतर है?

डॉ. गजिंदर कुमार गोयल के अनुसार, दिल की सेहत के लिए निम्न तेल बेहतर विकल्प माने जाते हैं—

  • सरसों का तेल
  • सूरजमुखी (Sunflower) तेल
  • ऑलिव ऑयल

इनमें मौजूद हेल्दी फैट्स हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं। हालांकि सही तेल चुनने के साथ उसकी मात्रा नियंत्रित रखना भी उतना ही जरूरी है।

सरसों के तेल को क्यों दी जाती है प्राथमिकता?

डॉक्टर का कहना है कि कच्ची घानी (Cold Pressed) या लकड़ी से निकाला गया सरसों का तेल भारतीय खाना पकाने के लिए बेहतर माना जाता है। इसका स्मोक पॉइंट अधिक होता है, इसलिए तेज आंच पर भी इसके गुण अपेक्षाकृत सुरक्षित रहते हैं।

वहीं ऑलिव ऑयल हल्की आंच पर खाना बनाने या सलाद के लिए अच्छा विकल्प माना जाता है। इसका इस्तेमाल डीप फ्राई करने के लिए नहीं करना चाहिए।

रिफाइंड तेल से क्यों बरतनी चाहिए सावधानी?

विशेषज्ञों के अनुसार कई रिफाइंड तेल उच्च तापमान और रासायनिक प्रक्रिया से तैयार किए जाते हैं। इससे उनमें ऐसे तत्व बन सकते हैं जो लंबे समय तक अधिक मात्रा में सेवन करने पर खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ाने और हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकते हैं।

ज्यादा तेल खाने के क्या नुकसान हैं?

नियमित रूप से अधिक तेल और तली हुई चीजों का सेवन करने से शरीर में अतिरिक्त फैट जमा होने लगता है। इससे—

  • मोटापा
  • हाई कोलेस्ट्रॉल
  • डायबिटीज
  • शरीर में सूजन
  • हार्ट अटैक
  • स्ट्रोक

जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

हार्ट मरीजों के लिए क्या है सलाह?

डॉ. गजिंदर कुमार गोयल के अनुसार, जिन लोगों को पहले से हृदय रोग है, उन्हें पूरे महीने में 750 मिलीलीटर से अधिक तेल का सेवन नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्वाद और पोषण के संतुलन के लिए 80 प्रतिशत सरसों का तेल और 20 प्रतिशत घी या मक्खन का सीमित मात्रा में उपयोग करने की सलाह दी है।

जरूरी है मात्रा पर नियंत्रण

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सही तेल चुनना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी मात्रा नियंत्रित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। संतुलित मात्रा में तेल का सेवन, नियमित व्यायाम और संतुलित आहार दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.