‘चलो संसद’ मार्च के बीच विजय चौक पर हंगामा, संसद की सुरक्षा बढ़ी; CJP प्रतिनिधियों की जेपी नड्डा से होगी मुलाकात
- रिपोर्ट: सुरजीत सिंह
नई दिल्ली। संसद की ओर बढ़ रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच सोमवार को विजय चौक के पास तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों के संसद मार्च को रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद संसद भवन की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई।
सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर संसद भवन के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए संसद भवन के गेट भी बंद किए गए। वहीं, दिल्ली पुलिस ने बदरपुर बॉर्डर सहित राजधानी के कई प्रवेश मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
जेपी नड्डा से मिलेगी CJP की टीम
इस बीच CJP के प्रतिनिधियों की केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात होने की जानकारी सामने आई है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए संपर्क किया गया है।
सौरव दास ने लिखा कि पार्टी की ओर से आशुतोष रांका और वे स्वयं जेपी नड्डा से मुलाकात करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की मांगें स्पष्ट हैं और बड़ी संख्या में युवा प्रदर्शन में शामिल हुए हैं।
सोनम वांगचुक ने अस्पताल से मांगी संसद मार्च में शामिल होने की अनुमति
वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई 2026 को सफदरजंग अस्पताल के निदेशक को पत्र लिखकर संसद मार्च में शामिल होने की अनुमति मांगी है। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत अब ठीक है और सभी स्वास्थ्य मानक सामान्य हैं, इसलिए उन्हें अस्थायी रूप से अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति दी जाए ताकि वे ‘संसद चलो’ मार्च में हिस्सा ले सकें।
वांगचुक की ओर से साझा किए गए पत्र में यह भी कहा गया कि यदि प्रशासन का दावा है कि उन्हें किसी प्रकार की हिरासत में नहीं रखा गया है, तो फिर उनके आवागमन पर प्रतिबंध क्यों लगाया जा रहा है। इस सवाल को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
फिलहाल राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच बातचीत से स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
