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गुस्ताख़ी माफ़ हरियाणा-पवन कुमार बंसल

कुछ रिश्ते यूँ ही बन जाते हैं..

गुस्ताख़ी माफ़… हरियाणा-— पवन कुमार बंसल (सौजन्य: जानी मानी लेखिका और शायरा सुमिता मिश्रा) “ दुनिया और ज़िंदगी में कुछ रिश्ते यूँ ही बन जाते हैं, ना मुलाक़ात, ना पहचान, फिर भी दिल के क़रीब आ जाते हैं। कुछ लोग बिना मिले ही दुआओं में…
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“साढ़े नौ साल में हरियाणा का बंटाधार, दिल्ली में वजीर… पर दिल अभी भी हरियाणा में!”

गुस्ताखी माफ हरियाणा- पवन कुमार बंसल “साढ़े नौ साल में हरियाणा का बंटाधार, दिल्ली में वजीर… पर दिल अभी भी हरियाणा में!”मिलो हरियाणा के ‘काबा’ यानी मनोहर बाबा से। साढ़े नौ साल सत्ता में रहकर प्रदेश का बंटाधार करने के बाद अब दिल्ली की…
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