बीजेपी सत्ता के घमंड में चूर न हो, सत्ता की जूती चिकनी होती है पता नहीं फिसल के किसके पैर में चली जाए: अर्जुन

ऐलनाबाद, 26 जुलाई(एम पी भार्गव) गोपाल कांडा द्वारा रानियां विधानसभा से इनेलो की जीत में उनके और मनोहर लाल के सहयोग पर अर्जुन चौटाला ने पलटवार करते हुए कहा कि कांडा अपने मन में यह वहम न पालें कि उनकी बदौलत चुनाव जीता है। अर्जुन ने कहा कि मेरा इस्तीफा ले लो और फिर से चुनाव करवा लो, इनका वहम निकल जाएगा। इतना दम गोपाल कांडा में होता तो सिरसा से खुद का चुनाव न हारते। गोपाल कांडा एक बिजनेसमैन है और वह सिर्फ परिस्थितियों का फायदा उठाते है। 2005 तक कांडा इनेलो के साथ थे फिर कांग्रेस की सरकार आई तो हुड्डा के साथ चले गए उसके बाद बीजेपी की सरकार आई तो बीजेपी के साथ खुद का राजनीतिक लाभ लेने के चले गए।
सर्वमित्र पत्रकारिता करे वह अच्छे पत्रकार हैं। सर्वमित्र का खुद का कोई होल्ड नहीं है। सर्वमित्र के ससुराल वालों ने भी मुझे वोट दिए हंै।
अभय चौटाला को धमकी वाले मामले पर अर्जुन ने कहा कि अभी तक इस पूरे मामले पर पुलिस की तरफ से कोई रिस्पांस नहीं आया। आज कानून व्यवस्था को बहुत बुरी हालत है। सरकार को सत्ता में लाने वाले लोगों की रक्षा सरकार नहीं कर पा रही है। पहले हरियाणा के लोग कहते थे कि रात के समय उत्तर प्रदेश न जाएं। अब उत्तर प्रदेश के लोग कहते है कि रात के समय हरियाणा न जाएं।
सीईटी को लेकर कहा कि 14 लाख बच्चे एग्जाम देने जा रहे है। सरकार इसको अगर सही तरीके से संभलती है तो इनको दुआ ही मिलेगी। नॉन डोमिसाइल बच्चों को नौकरियों पर रखा जा रहा है। 21 हजार अभ्यर्थी जो एग्जाम नहीं दे पाए उन्हें भी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए। आज हुए सीईटी पेपर में कई परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक नहीं की गई। हमेशा पेपर लेने से पहले अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक अनिवार्य है। बीजेपी सरकार की नीयत नौकरी देने की नहीं है।
बीजेपी सांसद के बेटे विकास बराला के मामले पर बोलते हुए अर्जुन चौटाला ने कहा कि बीजेपी हमेशा से कहती आई है कि वह परिवारवाद के खिलाफ है, परिवारवाद को आगे बढ़ाने का काम बीजेपी ही करती है। चौटाला साहब पे ये लोग इल्जाम लगाते थे कि उन्होंने अपने लोगों को जेबीटी अध्यापक लगाया। चौटाला साहब ने तो गरीब घरों के बच्चों को नौकरी दी ये बीजेपी वाले तो मंत्री और सांसदों के बच्चों को लगा रहे हैं। बीजेपी सत्ता के घमंड में चूर न हो। सत्ता की जूती चिकनी होती है पता नहीं फिसल के किसके पैर में चली जाए। कांग्रेस छोडक़र आए लोगों के बच्चों को क्यों टिकट दी गई? बीजेपी ने परिवारवाद को प्रशासनिक तौर पर लाने का काम किया।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.