गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर की नौकरी निकली- उम्मीदवारो ने संतरे का जूस पीना शुरू किया
गुस्ताखी माफ़ हरियाणा- पवन कुमार बंसल
गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर की नौकरी निकली सै, फॉर्म भर लो भाई। हरियाणा में पैदा हुआ हूँ तो जानकारी है, मिलने वाले हैं।
कई जाणकार मिले अर बोले — “बंसल साहब, एक काम था।”
मैं कह्या — “बताओ भाई, कोई खबर छपवाणी सै के?”
वे बोले — “छोरे ने गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में नौकरी का फॉर्म भर दिया सै, कोई जुगाड़ बैठा दो।”
मैं कह्या — “भाई, म्हारा काम तो खबर लिखण का सै। अर वैसे भी मेरी बात कौन मानै सै?”
वे हंस के बोले — “बंसल साहब, मजे मत लो। पिछले दिनां सीएम सैनी साहब भी आपसे मिलण आए थे।”
मैं कह्या — “अरै भाई, वो तो उनका बड़प्पन सै। मेरी बीमार मां का हाल-चाल पूछण आए थे। इसमें कौन सी खास बात सै? पहले ओमप्रकाश चौटाला, भजनलाल अर भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी आवै करते थे।”
फेर बोले — “चलो, नौकरी लागण का कोई फार्मूला तो बता दो।”
मैं कह्या — “इब्बे तै संतरे का जूस पीणा चालू कर दो।”
वे चौक के बोले — “इसका संतरे के जूस तै के लेना-देना?”
मैं कह्या — “भाई, तेरी जनरल नॉलेज इतनी कमजोर सै कि तन्ने संतरे के जूस की ताकत का भी पता ना। फेर तू असिस्टेंट प्रोफेसर कैसे लागेगा?”
