बदायूं में नशे और बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान, महिलाओं-बच्चों को साइबर सुरक्षा की जानकारी
महिला कल्याण योजनाओं, हेल्पलाइन और बाल संरक्षण कानूनों के बारे में किया जागरूक
Badaun: महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को लेकर बदायूं में जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए बच्चों को नशे से दूर रखने की अपील की गई। साथ ही महिलाओं और बालिकाओं को साइबर अपराध से बचाव तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में विस्तार से बताया गया।
हव फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन की जिला मिशन समन्वयक छवि वैश्य ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया। इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पति की मृत्यु के बाद पुनर्विवाह दंपति पुरस्कार, दहेज प्रथा से पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता, दहेज के कारण परित्यक्त महिलाओं को आर्थिक सहायता तथा निराश्रित महिला की पुत्री की शादी के लिए अनुदान जैसी योजनाएं शामिल हैं।

बाल विवाह पर सख्त कार्रवाई की दी जानकारी
कैंप में बाल विवाह को गंभीर सामाजिक कुरीति बताते हुए इसके कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। महिलाओं और बालिकाओं को बताया गया कि बाल विवाह कराने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही बाल विवाह और मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली सामाजिक एवं व्यक्तिगत समस्याओं के बारे में भी जागरूक किया गया।
जेएस हव फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन की प्रीती चौहान ने वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं और महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 112, 1090, 181, 102, 108 और 1098 के बारे में भी विस्तार से बताया।

पॉश एक्ट और महिला-बाल कल्याण योजनाओं की दी जानकारी
जिला बाल संरक्षण इकाई के सामाजिक कार्यकर्ता भमरपाल सिंह ने महिलाओं और बालिकाओं को पॉश एक्ट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने वार्ड बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की भूमिका बताते हुए कन्या सुमंगला योजना, बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप और निराश्रित महिला पेंशन योजना समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।
कैंप में मौजूद महिलाओं और बच्चों ने योजनाओं एवं कानूनों से जुड़ी जानकारी में उत्सुकता दिखाई। बताया गया कि इन योजनाओं की विस्तृत जानकारी जिला प्रोबेशन कार्यालय, कलेक्ट्रेट के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।
मिशन वात्सल्य के तहत बच्चों के संरक्षण पर जोर
संरक्षण अधिकारी रवि कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के प्रावधानों के अनुसार देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले तथा विधि-विरुद्ध कार्यों में लिप्त बच्चों के संरक्षण, कल्याण और पुनर्वास के लिए मिशन वात्सल्य योजना संचालित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि बाल श्रम और भिक्षावृत्ति में लगे बच्चों की पहचान एवं रेस्क्यू के लिए ग्राम बाल संरक्षण समितियों के माध्यम से अभियान चलाया जा रहा है। मंदिर, मस्जिद, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, ढाबों, दुकानों और कारखानों आदि स्थानों पर बाल श्रम एवं बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि किसी बच्चे को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी इंद्रपाल सिंह, शिव कुमार, एडीओपी, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सहायक पंचायत अधिकारी, संरक्षण अधिकारी रवि कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता भमरपाल सिंह, जेएसएचईडब्ल्यू प्रीती चौहान, परामर्शदाता चाइल्ड हेल्पलाइन तथा प्रभारी बाल परियोजना अधिकारी संगीता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
