स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग सख्त, 19 सितंबर तक चलेगा ‘मिशन सेफ फ्यूचर 3.0’
स्कूल वाहनों की सघन चेकिंग, चालक सत्यापन और महिला परिचर की व्यवस्था अनिवार्य
Badaun: स्कूली बच्चों के सुरक्षित और सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा अभियान शुरू किया है। शासन के निर्देश पर प्रदेशभर में 14 से 19 सितंबर 2026 तक छह दिवसीय विशेष अभियान ‘मिशन सेफ फ्यूचर 3.0’ चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच की जाएगी।
परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यालय स्तर पर विद्यालय परिवहन सुरक्षा समितियों का अनिवार्य गठन और उनकी नियमित बैठकें सुनिश्चित करना है। उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली, 1998 के नियम 222-छ के तहत गठित समिति की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा की जाएगी।
समिति में संबंधित तहसील के नायब तहसीलदार, थानाध्यक्ष, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी और उपखंड निरीक्षक पदेन सदस्य होंगे। समिति की बैठक प्रत्येक वर्ष जुलाई, अक्टूबर, जनवरी और अप्रैल में आयोजित किया जाना अनिवार्य है।
स्कूल वाहनों में परिचर और महिला परिचर की व्यवस्था जरूरी
अभियान के तहत विद्यालय प्रबंधनों को बच्चों की सुरक्षा के लिए निर्धारित व्यवस्थाओं का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक स्कूल वाहन में चालक के अतिरिक्त एक परिचर (अटेंडेंट) की तैनाती अनिवार्य होगी, ताकि बच्चों के सुरक्षित चढ़ने और उतरने की व्यवस्था की जा सके।
यदि किसी वाहन में छात्राएं यात्रा कर रही हैं तो उसमें महिला परिचर की तैनाती अनिवार्य होगी। इसके अलावा बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए स्कूल वाहन में एक शिक्षक की सह-यात्रा भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
चालकों का शत-प्रतिशत पुलिस सत्यापन अनिवार्य
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालय प्रबंधन को अपने स्वामित्व या अनुबंध पर संचालित सभी वाहनों के चालकों का स्थानीय पुलिस के माध्यम से शत-प्रतिशत चरित्र सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बिना पुलिस सत्यापन वाले चालक को स्कूल वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। परिवहन विभाग द्वारा अभियान के दौरान इन व्यवस्थाओं की भी जांच की जाएगी।
नियम तोड़ने वाले स्कूली वाहनों पर होगी कार्रवाई
14 से 19 सितंबर 2026 तक चलने वाले विशेष अभियान के दौरान परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमें विभिन्न मार्गों और विद्यालयों पर सघन चेकिंग करेंगी। बिना फिटनेस या नियमों के विपरीत संचालित होने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान, वाहन सीज करने और अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग का उद्देश्य स्कूली बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ विद्यालय प्रबंधन और वाहन संचालकों को सुरक्षा मानकों के प्रति पूरी तरह जवाबदेह बनाना है।
