April Fools Day 2024 : 1 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है मूर्ख दिवस, यहां जानें अप्रैल फूल डे से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  बच्चे हों या बड़े, सब बढ़-चढ़ कर मनाते है मूर्ख दिवस

नई दिल्ली। भारतीय कलेंडर के इतिहास में 1 अप्रैल का दिन भी बेहद खास होता है। आज के दिन लोग‘अप्रैल फूल डे’ यानि मूर्ख दिवस मनाते है। इस दिन लोगों अपने दोस्तों के साथ मस्ती-मज़ाक करते है और अपने दोस्तों, करीबियों और पारिवारिक सदस्यों को बेवकूफ बनाते हैं।

कबसे हुई अप्रैल फूल डे मनाने की शुरूआत
अप्रैल फूल डे सबसे पहले फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों में मनाया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे अन्य देशों ने भी इस दिन को मनाना शुरू कर दिया.. अप्रैल फूल डे अलग-अलग देशों में अलग-अलग तरह मनाते हुए विश करते है..
1 अप्रैल को अप्रैल फूल डे मनाने के पीछे कहानियां कई प्रचलित हैं। एक कहानी के अनुसार, इसकी शुरुआत 1381 में हुई थी. उस समय के राजा रिचर्ड जीती और बोहेमिया की रानी एनी ने घोषणा की थी कि वह 32 मार्च 1381 को सगाई करने वाले हैं। यह खबर सुनकर जनता खुशी से झूम उठी थी, लेकिन जब 31 मार्च 1381 का दिन आया, तब लोगों के समझ में आया कि 32 मार्च तो आता ही नहीं..इसके बाद वह समझ चुके थे कि हमें मूर्ख बनाया गया है।
वहीं, 32 मार्च यानी 1 अप्रैल मूर्ख दिवस के रूप में मनाया जाने लगा..कुछ कहानियों के अनुसार, अप्रैल फूल डे मनाने की शुरुआत 1582 में फ्रांस से हुई थी। पॉप चार्ल्स ने कैलेंडर में बदलाव किया उन्होंने पुराने कैलेंडर की जगह नए रोमन कैलेंडर की शुरुआत की, लेकिन फ्रांस के कुछ लोग फिर भी पुराने कैलेंडर के मुताबिक हो नया साल सेलिब्रेट करते थे, जो लोग पुराने दिन पर ही नया साल मनाते थे उन्हें बाकी लोग अप्रैल फूल कहने लगे…

अप्रैल फूल डे से जुड़े रोचक तथ्य-
स्कॉटलैंड में अप्रैल फूल डे को 2 दिन तक मनाया जाता है पहले दिन मूर्ख दिवस तो दूसरे दिन “टेली डे” के रूप में जाना जाता है। बता दें कि 1 अप्रैल 2004 में गूगल ने जीमेल लांच किया था और इसके फीचर जानने के बाद लोग इसे मज़ाक समझने लगे। इसके अलावा फ्रांस, स्विट्ज़रलैंड, बेल्जियम और नीदरलैंड जैसे कई देशों में अप्रैल फूल डे को अप्रैल फिश डे के नाम से जाना जाता है। इस दिन लोग मज़ाक करने के लिए अपने दोस्तों के पीछे कागज़ की मछली चिपकाते हैं।

भारत में कैसे मनाते है मूर्ख दिवस
भारत में 19वीं सदी में अंग्रेजों ने इस दिन को मनाने की शुरुआत की थी। पिछले कुछ सालों से इसे मनाने का क्रेज बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर भी इससे जुड़े मीम्स और जोक्स हर साल वायरल होते हैं। भारत में इस दिन लोग स्कूल, कॉलेज, ऑफिस और घरों में एक-दूसरे को बेवकूफ बनाने के सारे तरीके आजमाते हैं और फूल बनने पर खूब खिल्ली भी उड़ाते हैं। बच्चे हों या बड़े, सब बढ़-चढ़ कर ‘मूर्ख बनाने के काम’ में हिस्सा लेते हैं।

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