पर्ची पर बाहर की ब्रांडेड दवा लिखने पर डॉक्टर होंगे निलंबित, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश

  • रिपोर्ट: मंजय वर्मा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी अस्पतालों में बाहर की ब्रांडेड दवाएँ लिखने वाले डॉक्टरों पर सख्ती बरतने का फैसला किया है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने इस संबंध में सभी जिलों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।

निर्देशों के अनुसार, यदि कोई चिकित्सक मरीज की पर्ची पर सरकारी स्टॉक में उपलब्ध दवाओं के स्थान पर बाहर की ब्रांडेड दवा लिखते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही ओपीडी (OPD) के समय डॉक्टर के अनुपस्थित रहने पर संबंधित चिकित्सक के साथ-साथ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) को भी जिम्मेदार माना जाएगा।

सरकार ने यह भी व्यवस्था की है कि यदि किसी मरीज को बाहर की दवा लिखी जाती है, तो वह सीधे महानिदेशक, स्वास्थ्य विभाग को शिकायत पत्र लिख सकता है।

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, शासन स्तर की विशेष टीमें 15 नवंबर के बाद प्रदेश भर के अस्पतालों का निरीक्षण करेंगी, ताकि इन निर्देशों का सही अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) और सीएमएस को निर्देश दिया है कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं का उपयोग प्राथमिकता के साथ किया जाए तथा मरीजों को बाहर से दवा खरीदने की स्थिति में न आने दिया जाए।

इन सख्त निर्देशों के बाद माना जा रहा है कि प्रदेश भर में सरकारी डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर अब प्रशासन की पैनी नजर रहेगी।

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