Amit Shah on MLC Results: अमित शाह का कांग्रेस पर तंज, बोले- ‘बैलेट बॉक्स इस्तीफा दो’, चुनावी नतीजों पर छिड़ी सियासत
Amit Shah on MLC Results: चार राज्यों में हुए विधान परिषद (MLC) चुनावों के नतीजों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव परिणामों को लेकर कांग्रेस पर तंज कसते हुए बैलेट पेपर से हुए चुनावों का जिक्र किया। शाह की टिप्पणी ऐसे समय आई, जब भाजपा नेता कांग्रेस की ईवीएम संबंधी शिकायतों और चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठा रहे हैं।
अमित शाह ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर कटाक्ष किया। उनकी पोस्ट में 28 सीटों के चुनाव में कांग्रेस की जीत की संख्या शून्य बताते हुए ‘Ballot Box इस्तीफा दो’ जैसी टिप्पणी की गई। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बैलेट पेपर से हुए एमएलसी चुनावों का जिक्र करते हुए कांग्रेस से पूछा था कि पार्टी ने कितनी सीटें जीतीं।
भाजपा नेताओं का कहना है कि जब चुनाव बैलेट पेपर से हुए, तब भी कांग्रेस को जीत नहीं मिली। दूसरी ओर, कांग्रेस ने ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को दोहराया है। इस तरह विधान परिषद चुनावों के परिणाम एक बार फिर चुनाव प्रणाली को लेकर चल रही राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गए हैं।
Amit Shah on MLC Results: अमित शाह ने क्या कहा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चार राज्यों में हुए 28 विधान परिषद सीटों के चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर कटाक्ष किया। उनकी टिप्पणी का मुख्य संदेश यह था कि जब चुनाव बैलेट पेपर से हुए, तब भी कांग्रेस जीत हासिल नहीं कर सकी। ‘बैलेट बॉक्स इस्तीफा दो’ वाली टिप्पणी के जरिए उन्होंने कांग्रेस की उस मांग पर व्यंग्य किया, जिसमें ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की बात उठाई जाती रही है।
भाजपा नेताओं ने इन नतीजों को कांग्रेस के चुनावी दावों पर सवाल उठाने का अवसर बनाया। उनका तर्क है कि चुनाव में हार के लिए केवल ईवीएम को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। हालांकि, किसी चुनाव में जीत या हार के कारणों का आकलन केवल मतदान की तकनीक के आधार पर नहीं किया जा सकता। उम्मीदवार, स्थानीय मुद्दे, संगठन और मतदाता समूह जैसे कई कारक भी चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं।
Amit Shah on MLC Results: पीएम मोदी ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना
अमित शाह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 विधान परिषद सीटों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ था। इसके बाद उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं।
प्रधानमंत्री की टिप्पणी भी ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जाने वाले सवालों के संदर्भ में थी। भाजपा नेताओं ने कहा कि बैलेट पेपर से हुए चुनावों के नतीजे कांग्रेस की दलीलों पर सवाल खड़े करते हैं।
यहां यह समझना जरूरी है कि विधान परिषद के ये चुनाव सामान्य विधानसभा या लोकसभा चुनावों से अलग होते हैं। इनमें संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के पंजीकृत स्नातक और शिक्षक जैसे सीमित मतदाता समूह मतदान करते हैं। इसलिए इन परिणामों को देश के सभी मतदाताओं की राय का सीधा प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता।
Amit Shah on MLC Results: चार राज्यों की 28 MLC सीटों पर हुए थे चुनाव
23 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए मतदान हुआ था। इन चुनावों की मतगणना 27 अक्टूबर से शुरू हुई और कुछ सीटों पर 28 अक्टूबर तक नतीजे तथा रुझान सामने आ रहे थे।
राज्यवार सीटों का विवरण इस प्रकार था:
– उत्तर प्रदेश: विधान परिषद की 11 सीटें
– बिहार: विधान परिषद की 8 सीटें
– महाराष्ट्र: विधान परिषद की 5 सीटें
– कर्नाटक: विधान परिषद की 4 सीटें
इन चुनावों में कांग्रेस ने कुल 12 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। 28 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, पार्टी इन सीटों पर कोई जीत दर्ज नहीं कर सकी थी। कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना जारी होने के कारण सभी सीटों के अंतिम परिणामों को लेकर संबंधित आधिकारिक घोषणाओं को देखना जरूरी था।
Amit Shah on MLC Results: कर्नाटक में कांग्रेस को बड़ा झटका
कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है, लेकिन विधान परिषद चुनावों में भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) यानी JD(S) गठबंधन ने चारों सीटें जीत लीं। भाजपा ने तीन सीटें बरकरार रखीं, जबकि JD(S) ने बेंगलुरु टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी पुट्टन्ना को हराया।
JD(S) उम्मीदवार ए.पी. रंगनाथ को 10,810 वोट मिले, जबकि पुट्टन्ना को 9,902 वोट हासिल हुए। इस तरह रंगनाथ ने 908 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
कर्नाटक के परिणामों को भाजपा ने कांग्रेस के लिए राजनीतिक झटके के तौर पर पेश किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भी कांग्रेस को सफलता नहीं मिली। हालांकि, ये परिणाम शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं से जुड़े थे, इसलिए इन्हें पूरे राज्य के आम मतदाताओं की पसंद का सीधा संकेत मानना उचित नहीं होगा।
Amit Shah on MLC Results: बिहार में भी कांग्रेस को नहीं मिली सफलता
बिहार में भी कांग्रेस को इन एमएलसी चुनावों में सफलता नहीं मिली। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा को हराया। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, राय ने 324 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
इस जीत के साथ जन सुराज पार्टी ने बिहार विधान परिषद में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। बिहार के नतीजों को लेकर भी भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि पार्टी को अपनी चुनावी रणनीति तथा मतदाताओं के बीच समर्थन पर ध्यान देना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में भाजपा और समाजवादी पार्टी ने अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की, जबकि महाराष्ट्र में मतगणना के दौरान नतीजे सामने आ रहे थे। इसलिए राज्यवार स्थिति को समझते समय घोषित नतीजों और जारी मतगणना के रुझानों में अंतर रखना जरूरी है।
Amit Shah on MLC Results: ईवीएम बनाम बैलेट पेपर की बहस फिर तेज
कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं और चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग करते रहे हैं। भाजपा इन एमएलसी चुनावों के परिणामों को इसी बहस के संदर्भ में रख रही है।
भाजपा नेताओं का तर्क है कि बैलेट पेपर से मतदान होने के बावजूद कांग्रेस को जीत नहीं मिली, इसलिए चुनावी हार का कारण केवल ईवीएम को बताना सही नहीं है। पार्टी ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति और मतदाताओं के बीच समर्थन को लेकर भी सवाल उठाए।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस बहस को समाप्त नहीं माना है। प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री को भरोसा है कि ईवीएम का चुनावी नतीजों पर असर नहीं पड़ता, तो उन्हें भविष्य के लोकसभा और विधानसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराने की प्रतिबद्धता जतानी चाहिए। कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए।
Amit Shah on MLC Results: क्या MLC चुनावों के नतीजे ईवीएम पर उठे सवालों का जवाब हैं?
इन चुनावों के परिणामों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के तर्क अलग-अलग हैं। भाजपा का कहना है कि बैलेट पेपर से हुए चुनावों में कांग्रेस की हार उसके चुनावी प्रदर्शन से जुड़ी है। कांग्रेस ने इसके जवाब में बैलेट पेपर से भविष्य के बड़े चुनाव कराने की मांग उठाई है।
तथ्यात्मक रूप से इतना कहा जा सकता है कि इन एमएलसी चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ और कांग्रेस उन 12 सीटों में कोई सीट नहीं जीत सकी, जिन पर उसने उम्मीदवार उतारे थे। लेकिन इन नतीजों के आधार पर देश के सभी चुनावों में मतदान प्रणाली की विश्वसनीयता पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इसके लिए चुनाव प्रक्रिया, मतदाता समूह, निर्वाचन क्षेत्र और उपलब्ध साक्ष्यों को अलग-अलग देखना पड़ता है।
चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों के चुनाव परिणामों के बाद अमित शाह ने कांग्रेस पर ‘बैलेट बॉक्स इस्तीफा दो’ कहकर तंज कसा। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कांग्रेस की जीत की संख्या को लेकर कटाक्ष कर चुके थे। भाजपा इन नतीजों को ईवीएम पर कांग्रेस की आपत्तियों के जवाब के तौर पर पेश कर रही है, जबकि कांग्रेस ने बैलेट पेपर से लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने की मांग दोहराई है। इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस जारी है।
