Nayab Singh Saini: गुरुग्राम में CM नायब सैनी का बड़ा एक्शन, चार अधिकारियों पर गिरी गाज
दो की सैलरी 50% काटने और पटवारी को सस्पेंड करने के आदेश
गुरुग्राम। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) ने सरकारी कामकाज में लापरवाही, नियमों की अनदेखी और आम नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार के मामलों को गंभीरता से लेते हुए गुरुग्राम में चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों से जवाब मांगा। बैठक में प्रॉपर्टी आईडी बनाने में अनियमितता, नगर निगम कर्मचारी के दुर्व्यवहार और सड़क मरम्मत के काम में लापरवाही जैसे मामले सामने आए।
मुख्यमंत्री ने पटौदी-जटौली मंडी नगर परिषद के तत्कालीन बिल्डिंग इंस्पेक्टर और म्यूनिसिपल इंजीनियर के खिलाफ तीन महीने तक 50 प्रतिशत वेतन कटौती, चार्जशीट और हरियाणा के एनसीआर जिलों से बाहर तबादले के निर्देश दिए। वहीं, गुरुग्राम नगर निगम के एक पटवारी को नागरिक के साथ दुर्व्यवहार के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया गया। सड़क बहाली के काम में लापरवाही मिलने पर लोक निर्माण विभाग के संबंधित कार्यकारी अभियंता के एक महीने के वेतन में कटौती करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी पद पर बैठकर जनता की समस्याओं की अनदेखी करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकारी कार्यालयों में आने वाले प्रत्येक नागरिक के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए और शिकायतों का समाधान निर्धारित समयसीमा में किया जाना चाहिए।
यह कार्रवाई 4 नवंबर 2026 को गुरुग्राम में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान की गई। बैठक में कुल 15 शिकायतों पर सुनवाई हुई, जिनमें से 11 का मौके पर निपटारा कर दिया गया, जबकि चार मामलों को अगली बैठक तक लंबित रखा गया।
Nayab Singh Saini: प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ी पर दो अधिकारियों की सैलरी 50 प्रतिशत काटने के आदेश
बैठक में पटौदी-जटौली मंडी नगर परिषद क्षेत्र में प्रॉपर्टी आईडी तैयार करने से जुड़ी शिकायत मुख्यमंत्री के सामने रखी गई। शिकायत की जांच के दौरान पता चला कि तत्कालीन बिल्डिंग इंस्पेक्टर और म्यूनिसिपल इंजीनियर ने निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किए बिना प्रॉपर्टी आईडी तैयार की थीं।
जांच में यह भी सामने आया कि इन अधिकारियों ने सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त नहीं की थी। सरकारी रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया में आवश्यक मंजूरी और निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। आदेश के मुताबिक, दोनों अधिकारियों के तीन महीने तक 50 प्रतिशत वेतन में कटौती की जाएगी। इसके अलावा उनके खिलाफ चार्जशीट जारी करने और उन्हें हरियाणा के एनसीआर जिलों से बाहर स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रॉपर्टी आईडी शहरी क्षेत्रों में संपत्ति की पहचान और उससे जुड़े सरकारी रिकॉर्ड का महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है। इसके आधार पर संपत्ति संबंधी विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाएं संचालित की जाती हैं। इसलिए इसे तैयार करते समय निर्धारित नियमों और सक्षम अधिकारियों की अनुमति का पालन करना जरूरी होता है।
मुख्यमंत्री ने इस मामले में स्पष्ट किया कि सरकारी दस्तावेज तैयार करने में किसी भी तरह की अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे नियमों के अनुसार काम करें और नागरिकों को सही सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराएं।
Nayab Singh Saini: नागरिक से दुर्व्यवहार करने पर नगर निगम का पटवारी सस्पेंड
गुरुग्राम में आयोजित शिकायत निवारण बैठक के दौरान एक नागरिक के साथ नगर निगम के कर्मचारी के दुर्व्यवहार का मामला भी सामने आया। शिकायतकर्ता ने सरकारी कार्यालय में अपने काम के सिलसिले में पहुंचे समय पटवारी के व्यवहार को लेकर शिकायत की थी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया और संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों के साथ सम्मान और शालीनता से पेश आना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है। नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर सरकारी कार्यालय पहुंचते हैं। ऐसे में उनके साथ दुर्व्यवहार करना या उनकी शिकायतों को नजरअंदाज करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दें और शिकायतों का समाधान करने में अनावश्यक देरी न करें।
इस कार्रवाई से प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को यह संदेश दिया गया कि सरकारी सेवाओं में नागरिकों के प्रति जवाबदेही और अच्छा व्यवहार भी उतना ही जरूरी है जितना कि निर्धारित सरकारी कार्यों को पूरा करना।
Nayab Singh Saini: सड़क मरम्मत में लापरवाही पर PWD कार्यकारी अभियंता का वेतन कटेगा
बैठक में सड़क मरम्मत और बहाली के काम में लापरवाही से संबंधित शिकायत भी उठाई गई। शिकायत में निर्धारित मानकों के अनुसार काम नहीं किए जाने का मुद्दा सामने आया।
मुख्यमंत्री ने संबंधित मामले की समीक्षा करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यकारी अभियंता के एक महीने के वेतन में कटौती करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना और उनकी नियमित निगरानी करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
सड़कों की मरम्मत में लापरवाही होने से आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी होती है। इसके अलावा खराब गुणवत्ता के काम के कारण सरकारी धन का भी उचित उपयोग नहीं हो पाता।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए। सड़क निर्माण और बहाली के काम में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
Nayab Singh Saini: गुरुग्राम और मानेसर के आठ जोन में सार्वजनिक शौचालयों की होगी जांच
बैठक के दौरान गुरुग्राम और मानेसर नगर निगम क्षेत्रों में सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई और रखरखाव से जुड़ी शिकायतों पर भी मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक शौचालयों की वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए। इसके लिए आठ नगर निगम जोन में तीन सदस्यीय निरीक्षण समितियां गठित करने के आदेश दिए गए।
इनमें गुरुग्राम नगर निगम के छह जोन और मानेसर नगर निगम के दो जोन शामिल हैं। प्रत्येक समिति में एक सरकारी अधिकारी भी शामिल होगा।
समितियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई, रखरखाव और उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण करना होगा। इसके बाद एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों में स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। नागरिकों को साफ-सुथरे सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध होने चाहिए।
गुरुग्राम और मानेसर में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरी गतिविधियों को देखते हुए सार्वजनिक सुविधाओं की नियमित निगरानी जरूरी है। निरीक्षण समितियों की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित क्षेत्रों में सफाई और रखरखाव की कमियों को दूर करने के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Nayab Singh Saini: 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की योजना से 400 से ज्यादा सरकारी स्कूलों को मिलेंगी नई इमारतें
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार की योजना की जानकारी भी दी।
एक सरकारी स्कूल की इमारत के नवीनीकरण से संबंधित शिकायत पर सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों के आधारभूत ढांचे में सुधार के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की योजना को मंजूरी दी है।
इस योजना के तहत दिसंबर 2027 के अंत तक राज्य के 400 से अधिक सरकारी स्कूलों को नई इमारतें उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकारी स्कूलों में बेहतर भवन, पर्याप्त कक्षाएं और जरूरी बुनियादी सुविधाएं विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। स्कूलों की इमारतें बेहतर होने से विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को सुविधा मिलती है।
सरकार की इस योजना का उद्देश्य राज्य के सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके।
Nayab Singh Saini:15 शिकायतों पर हुई सुनवाई, 11 का मौके पर निपटारा
गुरुग्राम में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में कुल 15 शिकायतों को सुनवाई के लिए रखा गया था। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से इन मामलों की जानकारी ली और शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की।
इनमें से 11 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। शेष चार मामलों को अगली बैठक तक लंबित रखने का निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों को केवल कागजों पर निपटाने के बजाय उनका वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति का उद्देश्य आम नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन और सरकार के सामने रखने का अवसर देना है। इस व्यवस्था के माध्यम से विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा की जाती है और जरूरत पड़ने पर अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं।
Nayab Singh Saini: बैठक में कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
गुरुग्राम में आयोजित इस बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे। इसके अलावा पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, सोहना के विधायक तेजपाल तंवर और गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा ने भी बैठक में भाग लिया।
बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनता की शिकायतों पर गंभीरता से काम करने और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।
गुरुग्राम में हुई इस बैठक में चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश, सार्वजनिक शौचालयों के निरीक्षण, सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार और लंबित शिकायतों की समीक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश रहा कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ नागरिकों तक समय पर पहुंचना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
