US Stock Market Crash: अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट पर ट्रंप ने डेमोक्रेट्स को ठहराया जिम्मेदार
बोले- 401(k) खातों को भी हुआ नुकसान
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शेयर बाजार (US Stock Market Crash) में आई भारी गिरावट के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत के बाद वॉल स्ट्रीट में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। बाजार में आई इस गिरावट का असर निवेशकों के पोर्टफोलियो के साथ-साथ अमेरिकी नागरिकों की रिटायरमेंट सेविंग्स यानी 401(k) खातों पर भी पड़ने की बात सामने आई है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि चुनाव परिणामों के बाद शेयर बाजार को इतिहास के सबसे खराब दिनों में से एक का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि डेमोक्रेट्स की चुनावी सफलता के कारण बाजार में गिरावट आई और अमेरिकी नागरिकों की रिटायरमेंट बचत का मूल्य भी कम हुआ। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में डेमोक्रेट्स पर निशाना साधते हुए कहा कि इसके लिए रिपब्लिकन नहीं, बल्कि डेमोक्रेट्स जिम्मेदार हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बड़ी राजनीतिक सफलता हासिल की। चुनाव परिणामों के बाद निवेशकों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर निर्माण और टेक्नोलॉजी कंपनियों पर संभावित सरकारी नियंत्रण को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। गुरुवार को बाजार में तेज बिकवाली हुई और प्रमुख अमेरिकी शेयर सूचकांकों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
US Stock Market Crash: ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर डेमोक्रेट्स पर साधा निशाना
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि शेयर बाजार को चुनाव परिणामों के आधार पर इतिहास के सबसे खराब दिनों में से एक का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार और समर्थकों ने बाजार को उस स्तर तक पहुंचाने के लिए काफी मेहनत की थी, जहां पहले कभी नहीं देखा गया था, लेकिन चुनाव के बाद आई गिरावट ने उस उपलब्धि को प्रभावित किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने संदेश में 401(k) खातों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बाजार में गिरावट के कारण लोगों की रिटायरमेंट बचत का मूल्य कम हुआ है। इसके लिए उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी को जिम्मेदार बताते हुए निवेशकों को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि बाजार जल्द ही पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में लौट सकता है।
ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में भी कहा कि शेयर बाजार में गिरावट डेमोक्रेट्स की चुनावी जीत के कारण आई है। उनका यह बयान अमेरिकी राजनीति और वित्तीय बाजार के बीच बढ़ते संबंधों को दिखाता है। हालांकि, बाजार में गिरावट के पीछे केवल चुनाव परिणाम ही एकमात्र कारण थे, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। निवेशकों की चिंता में AI कंपनियों का मूल्यांकन, डेटा सेंटर पर खर्च और भविष्य में संभावित नियामकीय बदलाव भी शामिल थे।
US Stock Market Crash: अमेरिकी शेयर बाजार में एक दिन में बड़ी गिरावट
गुरुवार, 5 नवंबर को अमेरिकी शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव रहा। प्रमुख सूचकांकों में गिरावट इतनी तेज थी कि बाजार ने पिछले कारोबारी दिन की बढ़त को भी गंवा दिया।
एसोसिएटेड प्रेस की बाजार रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को एसएंडपी 500 में 4.4 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 7,353.73 अंक पर बंद हुआ। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1,833 अंक यानी 3.4 प्रतिशत गिरकर 51,523.06 अंक पर पहुंच गया। वहीं, नैस्डैक कंपोजिट में 5.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,315 अंक पर बंद हुआ।
छोटी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले रसेल 2000 सूचकांक में भी 4.4 प्रतिशत की गिरावट आई। बाजार के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में बिकवाली देखने को मिली। इस गिरावट के कारण निवेशकों को एक ही कारोबारी सत्र में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।
US Stock Market Crash: नैस्डैक 100 में 6.4 प्रतिशत की गिरावट, 2.3 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान
टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में आई बिकवाली का सबसे बड़ा असर नैस्डैक 100 पर दिखाई दिया। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को नैस्डैक 100 में 6.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह मार्च 2020 के बाद इसका सबसे खराब कारोबारी सत्र बताया गया। इस गिरावट के दौरान नैस्डैक 100 से जुड़ी कंपनियों के बाजार मूल्य में लगभग 2.3 ट्रिलियन डॉलर की कमी आई।
यह गिरावट विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण रही, क्योंकि पिछले कई महीनों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी काफी अधिक थी। AI तकनीक, चिप निर्माण, डेटा सेंटर और क्लाउड कंप्यूटिंग से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी ने अमेरिकी शेयर बाजार को मजबूती दी थी।
लेकिन चुनाव के बाद निवेशकों ने इस क्षेत्र के भविष्य को लेकर नए सिरे से आकलन शुरू किया। उन्हें आशंका हुई कि डेमोक्रेट्स के मजबूत होने से AI उद्योग और डेटा सेंटर निर्माण पर सख्त नियम लागू हो सकते हैं। इसका असर कंपनियों की विस्तार योजनाओं और भविष्य में होने वाली कमाई पर पड़ सकता है।
इस तरह बाजार में आई गिरावट केवल राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं थी, बल्कि इसके पीछे तकनीकी उद्योग के भविष्य को लेकर निवेशकों की बदलती उम्मीदें भी थीं।
US Stock Market Crash: AI और टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में क्यों मची बिकवाली?
अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उद्योग को लेकर बढ़ती चिंताएं रहीं। पिछले कुछ समय में AI कंपनियों और उनसे जुड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों ने डेटा सेंटर निर्माण पर बड़े पैमाने पर निवेश किया है।
AI सिस्टम को चलाने के लिए अत्याधुनिक कंप्यूटर चिप, सर्वर, बिजली और बड़े डेटा सेंटर की जरूरत होती है। यही वजह है कि इस उद्योग के विस्तार से सेमीकंडक्टर और कंप्यूटर हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियों को भी फायदा मिला है।
हालांकि, डेटा सेंटर के तेजी से विस्तार के कारण कई क्षेत्रों में बिजली की खपत, पानी की उपलब्धता और स्थानीय संसाधनों पर दबाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कुछ इलाकों में नए डेटा सेंटर बनाने का विरोध भी हुआ है।
मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद निवेशकों को आशंका हुई कि नई राजनीतिक परिस्थितियों में डेटा सेंटर परियोजनाओं पर अधिक नियंत्रण लगाया जा सकता है। इसके अलावा AI कंपनियों को लेकर नए नियम बनाए जाने की संभावना भी बाजार की चिंता का कारण बनी।
निवेशकों को डर है कि यदि डेटा सेंटर परियोजनाओं की मंजूरी में देरी होती है या नए निर्माण पर प्रतिबंध लगाए जाते हैं, तो इससे AI उद्योग की विकास गति प्रभावित हो सकती है। इसका सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ सकता है, जो डेटा सेंटर के लिए चिप, सर्वर और दूसरे उपकरण उपलब्ध कराती हैं।
US Stock Market Crash: सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में भी भारी गिरावट
अमेरिकी बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों की बिकवाली का असर सेमीकंडक्टर उद्योग पर भी पड़ा। सेमीकंडक्टर यानी कंप्यूटर चिप आधुनिक तकनीक और AI सिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। डेटा सेंटर, कंप्यूटर, स्मार्टफोन और कई अन्य डिजिटल उपकरणों में इनका इस्तेमाल होता है।
रॉयटर्स की बाजार रिपोर्ट के मुताबिक, फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में लगभग 12 प्रतिशत की गिरावट आई। यह इस सूचकांक की दूसरी सबसे बड़ी गिरावट बताई गई।
रिपोर्ट में कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट का उल्लेख किया गया। सैंडिस्क के शेयर लगभग 22 प्रतिशत और माइक्रोन टेक्नोलॉजी, AMD तथा मार्वेल के शेयर लगभग 17 प्रतिशत तक गिरे। वहीं, एनवीडिया के शेयरों में करीब 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इन कंपनियों का कारोबार AI और डेटा सेंटर उद्योग से जुड़ा हुआ है। इसलिए निवेशकों की ओर से इस क्षेत्र के भविष्य को लेकर जताई गई चिंताओं का असर इनके शेयरों पर दिखाई दिया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, AI उद्योग में निवेश की गति और उससे होने वाली कमाई के बीच संतुलन को लेकर भी बाजार में सवाल उठ रहे हैं। बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी रकम खर्च कर रही हैं। ऐसे में निवेशक यह समझना चाहते हैं कि इन खर्चों से भविष्य में कितनी कमाई हो सकेगी।
US Stock Market Crash: डेटा सेंटर निर्माण पर नियंत्रण की आशंका बनी बाजार की चिंता
अमेरिका में डेटा सेंटर निर्माण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस चल रही है। AI कंपनियों को अपनी तकनीक के विस्तार के लिए बड़े डेटा सेंटर की आवश्यकता होती है। लेकिन इन केंद्रों को चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली और पानी की जरूरत पड़ती है।
कई स्थानीय समुदायों में डेटा सेंटर परियोजनाओं को लेकर चिंता जताई गई है। लोगों को आशंका है कि इनके विस्तार से बिजली की मांग बढ़ सकती है और स्थानीय संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव में जीत हासिल करने वाले कुछ डेमोक्रेट नेताओं ने डेटा सेंटर निर्माण को नियंत्रित करने और AI उद्योग के लिए नए नियम बनाने की बात कही है।
टेक्सास की नवनिर्वाचित गवर्नर जीना हिनोजोसा ने अपने चुनावी अभियान के दौरान नए डेटा सेंटर निर्माण को रोकने की प्रतिबद्धता जताई थी। टेक्सास अमेरिका के उन क्षेत्रों में शामिल है, जहां डेटा सेंटर उद्योग तेजी से विकसित हुआ है।
इसके अलावा डेमोक्रेट सांसदों की ओर से ऐसे कानून बनाने की मांग की गई है, जिनसे डेटा सेंटर के कारण बढ़ने वाली बिजली लागत का बोझ आम उपभोक्ताओं पर न पड़े। AI सिस्टम की स्वतंत्र जांच को अनिवार्य बनाने जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई है।
इन्हीं संभावित बदलावों को देखते हुए निवेशकों ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जोखिम का दोबारा आकलन किया।
US Stock Market Crash: बुधवार को बाजार में आई थी तेजी, गुरुवार को बदला रुख
अमेरिकी शेयर बाजार में यह गिरावट इसलिए भी चर्चा में रही, क्योंकि इससे ठीक एक दिन पहले बुधवार को बाजार में तेजी देखने को मिली थी। 3 नवंबर के मिडटर्म चुनाव परिणामों के बाद बुधवार को निवेशकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी।
डेमोक्रेट्स की जीत के बाद शुरुआती कारोबारी प्रतिक्रिया में अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई। डाउ जोन्स में 1,000 अंकों से अधिक की तेजी आई थी। नैस्डैक और एसएंडपी 500 भी बढ़त के साथ बंद हुए थे।
लेकिन गुरुवार को बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया। निवेशकों ने चुनाव परिणामों के संभावित दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार करना शुरू किया। खासकर AI उद्योग, डेटा सेंटर परियोजनाओं और तकनीकी कंपनियों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ने लगी।
इसके परिणामस्वरूप बाजार में बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई और बुधवार को मिली बढ़त समाप्त हो गई। बाजार के इस बदले हुए रुख ने निवेशकों के बीच अनिश्चितता को और बढ़ा दिया।
US Stock Market Crash: 401(k) खातों पर गिरावट का क्या असर पड़ा?
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में अमेरिकी नागरिकों के 401(k) खातों का विशेष रूप से उल्लेख किया। अमेरिका में 401(k) एक प्रकार की रिटायरमेंट बचत योजना है। इसके तहत कर्मचारी अपनी सैलरी का एक हिस्सा भविष्य के लिए निवेश करते हैं। कई मामलों में नियोक्ता भी इसमें योगदान करते हैं।
इन खातों में जमा रकम को अलग-अलग निवेश विकल्पों में लगाया जा सकता है। इनमें शेयर बाजार से जुड़े फंड भी शामिल होते हैं। इसलिए जब शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आती है तो ऐसे निवेशों के मूल्य पर भी असर पड़ सकता है।
ट्रंप का कहना था कि बाजार में आई गिरावट के कारण अमेरिकियों की रिटायरमेंट बचत प्रभावित हुई है। हालांकि, हर 401(k) खाते पर एक जैसा असर पड़ना जरूरी नहीं है। इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि संबंधित व्यक्ति का पैसा किन निवेश विकल्पों में लगा हुआ है।
यदि किसी व्यक्ति के रिटायरमेंट खाते में टेक्नोलॉजी कंपनियों से जुड़े फंड का हिस्सा अधिक है, तो इस क्षेत्र में आई गिरावट का असर अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकता है। वहीं, अलग-अलग निवेश विकल्पों में पैसा लगाने वाले खातों का परिणाम अलग हो सकता है।
इसलिए बाजार में गिरावट और व्यक्तिगत रिटायरमेंट बचत के नुकसान को एक ही आंकड़े से नहीं समझा जा सकता।
US Stock Market Crash: ट्रंप पहले भी शेयर बाजार की तेजी को बताते रहे हैं उपलब्धि
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने राजनीतिक संबोधनों और सोशल मीडिया पोस्ट में अक्सर अमेरिकी शेयर बाजार की तेजी को आर्थिक उपलब्धि के रूप में पेश करते रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान AI उद्योग में निवेश और टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में आई तेजी भी बाजार की चर्चा का प्रमुख हिस्सा रही है।
ट्रंप प्रशासन ने डेटा सेंटर और AI उद्योग के विकास को समर्थन दिया है। राष्ट्रपति ने AI क्षेत्र में बहुत ज्यादा सरकारी नियंत्रण लगाने के प्रस्तावों का विरोध किया है और अपेक्षाकृत कम नियमन वाली नीति का समर्थन किया है।
ऐसे में डेमोक्रेट्स की चुनावी जीत के बाद AI उद्योग पर संभावित नियंत्रण को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ना राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बाजार में गिरावट के बाद ट्रंप ने डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया, जबकि निवेशकों के सामने AI कंपनियों के भारी निवेश, डेटा सेंटर निर्माण की लागत और भविष्य की कमाई से जुड़े सवाल भी मौजूद हैं।
US Stock Market Crash: मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका
3 नवंबर 2026 को हुए अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की। रिपोर्टों के मुताबिक, पार्टी ने सीनेट में सात सीटें अपने पक्ष में कीं और प्रतिनिधि सभा में कम से कम 39 सीटों का फायदा हासिल किया। इसके अलावा पांच गवर्नर पदों पर भी डेमोक्रेट्स को सफलता मिली।
इस चुनावी परिणाम को राष्ट्रपति ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। डेमोक्रेट्स की सफलता के बाद अमेरिकी कांग्रेस में उनकी स्थिति मजबूत हुई है।
नई राजनीतिक परिस्थितियों में डेमोक्रेट्स को ट्रंप प्रशासन की नीतियों की जांच करने और कई महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों पर अपना प्रभाव बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।
हालांकि, सीनेट में अलास्का और मिसिसिपी की कुछ सीटों पर मतगणना की स्थिति उस समय पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी। ऐसे में अंतिम सीटों की संख्या में बदलाव की संभावना बनी हुई थी।
US Stock Market Crash: चुनावी हार के बाद ट्रंप ने तेल की कीमतों को भी बताया था जिम्मेदार
मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद ट्रंप ने बुधवार को महंगे ईंधन को भी चुनावी हार की वजह बताया था। उन्होंने कहा था कि ईरान के साथ युद्ध के कारण बढ़ी ईंधन कीमतों का असर रिपब्लिकन पार्टी के प्रदर्शन पर पड़ा।
हालांकि, ट्रंप ने युद्ध को उचित बताते हुए उसका बचाव भी किया। इसके बाद गुरुवार को शेयर बाजार में आई गिरावट के लिए उन्होंने डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया।
चुनावी नतीजों के बाद ट्रंप ने यह भी कहा था कि अगर उनका नाम चुनाव में होता तो वह बड़ी जीत हासिल करते। उन्होंने डेमोक्रेट्स के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा था कि उन्होंने अच्छा काम किया है।
इस तरह चुनावी नतीजों के बाद ट्रंप की प्रतिक्रियाओं में पार्टी की हार, ईंधन की कीमतों और शेयर बाजार की गिरावट जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
US Stock Market Crash: क्या अमेरिकी बाजार में आगे भी जारी रह सकती है गिरावट?
गुरुवार की भारी गिरावट के बाद निवेशकों की नजर आने वाले कारोबारी सत्रों पर है। बाजार की दिशा कई महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें AI उद्योग के लिए संभावित नियम, डेटा सेंटर निर्माण की योजनाएं, टेक्नोलॉजी कंपनियों के वित्तीय परिणाम और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति शामिल हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, निवेशक अब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि डेमोक्रेट्स की चुनावी जीत से AI इंफ्रास्ट्रक्चर उद्योग पर कितना वास्तविक प्रभाव पड़ेगा। यदि नए नियमों के कारण डेटा सेंटर परियोजनाओं की रफ्तार धीमी होती है तो इससे संबंधित कंपनियों की भविष्य की कमाई पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा कंपनियों की ओर से AI तकनीक पर किए जा रहे भारी खर्च को लेकर भी सवाल हैं। निवेशक यह देखना चाहते हैं कि इन परियोजनाओं से होने वाली कमाई निवेश के अनुपात में कितनी होगी।
इसलिए बाजार की गिरावट को केवल चुनावी परिणामों से जोड़कर देखना पूरी तस्वीर नहीं होगी। राजनीतिक बदलाव के साथ-साथ तकनीकी उद्योग की संभावनाएं और कंपनियों की आर्थिक स्थिति भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
फिलहाल अमेरिकी शेयर बाजार की इस गिरावट ने एक बार फिर यह दिखाया है कि राजनीतिक फैसलों और आर्थिक नीतियों का निवेशकों की उम्मीदों पर कितना असर पड़ सकता है। ट्रंप ने जहां इसके लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया है, वहीं बाजार में बिकवाली के पीछे AI उद्योग के भविष्य और डेटा सेंटर निर्माण को लेकर अनिश्चितता भी एक बड़ा कारण बनकर सामने आई है।
