Anti-Drug Campaign: अमृतसर में नशे के खिलाफ पुलिस का कड़ा रुख; पुलिस कमिश्नर हरमनवीर सिंह गिल ने इलाके का दौरा कर जनता से सीधा संवाद साधा।

​दिवाली पर केवल अधिकृत जगहों पर ही बिक्री: बिना लाइसेंस रिहायशी इलाकों में पटाखा कारोबार करने वालों पर लगेगा एक्सप्लोसिव एक्ट।

​Anti-Drug Campaign In Amritsar: ​अमृतसर शहर को पूरी तरह से अपराध और नशा मुक्त बनाने की मुहिम के तहत अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनवीर सिंह गिल पूरी पुलिस टीम के साथ संवेदनशील इलाके पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आम जनता और इलाके के निवासियों से रूबरू होकर सुरक्षा व्यवस्था, नशे की स्थिति और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सीधा संवाद कायम किया। पुलिस कमिश्नर के इस दौरे से जहां स्थानीय लोगों का आत्मविश्वास बढ़ा है, वहीं असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।

​Anti-Drug Campaign: नशे के पुराने हॉटस्पॉट पर 95 फीसदी लगा अंकुश

इलाके के दौरे के दौरान पुलिस कमिश्नर हरमनवीर सिंह गिल ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि जिस इलाके में वे आज पहुंचे हैं, वह अतीत में चिट्टे और अन्य नशीले पदार्थों का एक बड़ा हॉटस्पॉट माना जाता था। उन्होंने स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध नागरिकों से बातचीत कर जमीनी हकीकत जानी। लोगों ने संतोष जताते हुए बताया कि मौजूदा सख्त पहरेदारी और अभियानों के चलते क्षेत्र में नशे का कारोबार 95 प्रतिशत तक खत्म हो चुका है। मौके पर मौजूद एक स्थानीय निवासी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब से पुलिस कमिश्नर और उनकी पूरी टीम ने कमान संभाली है, इलाके के हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। पहले जहां गलियों में नशे की हालत में युवा नजर आते थे, वहीं अब अधिकारियों की मुस्तैदी और निडर कार्यशैली के कारण नशा तस्कर भाग खड़े हुए हैं।

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​Anti-Drug Campaign: नशा पीड़ितों के पुनर्वास और मुफ्त इलाज की अपील

पुलिस कमिश्नर ने जनता से अपील की कि यदि उनके इलाके या परिवार में कोई युवा अब भी चिट्टे या नशे की दलदल में फंसा हुआ है, तो उसे छिपाने की बजाय सामने लाएं। परिजन बेझिझक अपने नजदीकी थाना प्रभारी (एसएचओ), चौकी इंचार्ज, डीएसपी या एसपी से संपर्क कर सकते हैं। यदि वे सीधे नहीं जा सकते, तो पुलिस को सूचित करें; पुलिस की टीम स्वयं उनके घर जाकर परिवार और पीड़ित युवक से बात करेगी।

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गिल ने भरोसा दिलाया कि ऐसे पीड़ितों को मुख्यधारा में लौटाने के लिए उनका पूर्णतः मुफ्त इलाज और पुनर्वास कराया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने जनता से यह भी साझा करने को कहा कि यदि पुलिस विभाग का कोई भी मुलाजिम या अधिकारी किसी प्रकार की मिलीभगत में शामिल पाया जाता है, तो उसकी सूचना सीधे उन्हें दी जाए, जिस पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।

​Anti-Drug Campaign: अवैध पटाखों पर पुलिस कमिश्नर का कड़ा संदेश

आगामी दिवाली के त्योहार को देखते हुए पुलिस कमिश्नर हरमनवीर सिंह गिल ने इलाके में अवैध पटाखों के निर्माण और भंडारण को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने बताया कि अनगढ़ और आसपास के रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से पटाखे बनाए जाने की जानकारियां मिलती रही हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि रिहायशी इलाकों में अवैध पटाखे बनाने या रखने के कारण कोई धमाका या आगजनी होती है और किसी नागरिक की जान जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सीधे तौर पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

​उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल प्रशासन और डिप्टी कमिश्नर द्वारा अधिकृत खुली जगहों पर ही, सरकारी औपचारिकताएं व सुरक्षा मानक पूरे करने वालों को पटाखा बिक्री की अनुमति होगी, जहां दमकल और पानी के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। बिना लाइसेंस रिहायशी या भीड़भाड़ वाले इलाकों में पटाखे बेचने या तैयार करने वालों पर ‘एक्सप्लोसिव एक्ट’ के तहत सख्त कार्रवाई होगी और सारा सामान जब्त कर लिया जाएगा। स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन को पूरा सहयोग देने का संकल्प दोहराया।

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