32 Acre Land Controversy: CDLU की 32 एकड़ जमीन को लेकर सियासत तेज, कांग्रेस प्रवक्ता आनंद बियानी ने भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
Sirsa 32 Acre Land Controversy (एम पी भार्गव): चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (CDLU) की 32 एकड़ जमीन को लेकर हरियाणा में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आनंद बियानी ने भाजपा सरकार पर विश्वविद्यालय की जमीन भूमाफिया को सौंपने की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की जमीन को बचाने के लिए सरकार को न्यायालय में मजबूती से पैरवी करनी चाहिए, लेकिन उनके अनुसार सरकार इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है।
आनंद बियानी ने इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चौधरी देवी लाल के नाम पर स्थापित इस विश्वविद्यालय के विकास में कांग्रेस सरकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं और छात्र संगठनों से विश्वविद्यालय की जमीन बचाने के लिए एकजुट होने की अपील की।
32 Acre Land Controversy: 1992 में रीजनल सेंटर की घोषणा का किया जिक्र
बियानी ने विश्वविद्यालय की स्थापना के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि 11 दिसंबर 1992 को सिरसा की अनाज मंडी में आयोजित कांग्रेस रैली के दौरान सांसद कुमारी सैलजा और तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल ने गांव फूलकां में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का रीजनल सेंटर बनाने की घोषणा की थी। उनके मुताबिक, इस उद्देश्य के लिए कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से 50 लाख रुपये की राशि भी उपलब्ध कराई थी।
उन्होंने कहा कि इसी रीजनल सेंटर ने आगे चलकर विश्वविद्यालय का रूप लिया। इसलिए विश्वविद्यालय की स्थापना और विकास में कांग्रेस के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
32 Acre Land Controversy: हुड्डा सरकार के कार्यकाल में 130 करोड़ से अधिक खर्च का दावा
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वर्ष 2004 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद विश्वविद्यालय की स्थिति में सुधार के लिए 130 करोड़ रुपये से अधिक की राशि विकास कार्यों पर खर्च की गई। उनके अनुसार, विश्वविद्यालय को यूजीसी का 12(B) दर्जा दिलाने में भी तत्कालीन सरकार की भूमिका रही।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में सिरसा में उच्च शिक्षा के विकास और स्थानीय युवाओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया।
32 Acre Land Controversy: विश्वविद्यालय बचाने के लिए पुराने आंदोलन की दिलाई याद
आनंद बियानी ने बताया कि कांग्रेस शासन के दौरान भी विश्वविद्यालय को स्थानांतरित करने का मुद्दा उठा था। उस समय शहर बंद करने तक की योजना बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन स्थानीय विधायक एवं प्रदेश सरकार में मंत्री लक्ष्मण दास अरोड़ा के संज्ञान में मामला आने पर उन्होंने प्रतिनिधि के रूप में संबंधित बैठक में हिस्सा लिया था।
बियानी के अनुसार, उस समय लक्ष्मण दास अरोड़ा ने आश्वासन दिया था कि यदि विश्वविद्यालय को सिरसा से स्थानांतरित किया गया तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद स्थानीय नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिला था। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय का स्थानांतरण नहीं होने देने और इसके विकास के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया था।
32 Acre Land Controversy: शिक्षा बचाओ समिति की चुप्पी पर उठाए सवाल
बियानी ने नागरिक परिषद और शिक्षा बचाओ समिति से जुड़े लोगों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले सभी राजनीतिक दलों के स्थानीय नेताओं ने एक मंच पर आकर विश्वविद्यालय बचाने का अभियान चलाया था। ऐसे में अब विश्वविद्यालय की जमीन को लेकर विरोध क्यों नहीं हो रहा है?
उन्होंने आशंका जताई कि यदि विश्वविद्यालय की जमीन भूमाफिया के हाथों में चली जाती है तो इससे आने वाली पीढ़ियों के शैक्षणिक भविष्य पर असर पड़ेगा।
32 Acre Land Controversy: सभी दलों और संगठनों से आंदोलन की अपील
कांग्रेस प्रवक्ता ने सभी राजनीतिक दलों के स्थानीय नेताओं, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं और छात्र संगठनों से विश्वविद्यालय की जमीन बचाने के लिए एकजुट होकर आंदोलन शुरू करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि क्षेत्र की शैक्षणिक पहचान और युवाओं के भविष्य से जुड़ी हुई है। इसे बचाने के लिए सभी को मिलकर आवाज उठानी चाहिए।
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