Mission Shakti Phase 5: यूपी में मिशन शक्ति अभियान का असर, 99 हजार से अधिक गांवों और वार्डों तक पहुंची महिला बीट पुलिस

Mission Shakti Phase 5: लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत व्यापक स्तर पर जागरूकता और पुलिस कार्रवाई की गई। अभियान के फेज-5 के दूसरे चरण में महिला बीट पुलिस ने 99,377 गांवों और वार्डों का दौरा किया। इस दौरान महिलाओं और बालिकाओं को सरकारी योजनाओं, हेल्पलाइन सेवाओं और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों की जानकारी दी गई।

अभियान के दौरान प्रदेशभर में स्कूल-कॉलेजों, बाजारों, मॉल, पार्कों, चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस ने जांच अभियान चलाया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कुल 2,90,153 स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों की जांच की गई। इस कार्रवाई में 38,64,614 लोगों की चेकिंग हुई, जबकि 1,841 अभियोग दर्ज किए गए। पुलिस ने 6,276 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 16,85,263 लोगों को चेतावनी दी।

महिला सुरक्षा एवं बाल सुरक्षा से जुड़े इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें अपने अधिकारों और सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना है। इसके तहत पुलिस, प्रशासन और विभिन्न विभागों ने मिलकर जागरूकता कार्यक्रम, महिला चौपाल, दौड़ और जनसंपर्क गतिविधियां आयोजित कीं।

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 Mission Shakti Phase 5:  मिशन शक्ति अभियान के दूसरे चरण में महिलाओं की सुरक्षा पर जोर

उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा को कानून-व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए जागरूकता, संवाद और कार्रवाई पर जोर दे रही है। इसी क्रम में मिशन शक्ति अभियान फेज-5 का दूसरा चरण 19 मार्च से 17 अप्रैल 2026 तक संचालित किया गया।

महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की नोडल अधिकारी एडीजी पद्मजा चौहान के अनुसार, अभियान के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया गया।

अभियान के अंतर्गत पुलिस और संबंधित विभागों ने स्थानीय स्तर पर लोगों से संपर्क किया। महिलाओं को घरेलू हिंसा, घरेलू विवाद, भरण-पोषण और अन्य समस्याओं के मामलों में उपलब्ध सहायता के बारे में बताया गया। जरूरत के अनुसार पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता और संबंधित विभागों से संपर्क कराने की पहल भी की गई।

सरकार की ओर से चलाए जा रहे ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य यह है कि महिलाएं समस्याओं की स्थिति में चुप रहने के बजाय उपलब्ध सहायता तंत्र का उपयोग कर सकें और उन्हें समय पर मदद मिल सके।

 Mission Shakti Phase 5: 66 हजार से अधिक महिलाओं और बालिकाओं ने दौड़ में लिया भाग

मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में दौड़ कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में कुल 66,441 महिलाओं और बालिकाओं ने भाग लिया।

इन गतिविधियों के माध्यम से महिला सुरक्षा, अधिकारों और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाई गई। अभियान के दौरान 49,437 प्रचार सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रमों में 1,930 जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और प्रेरणादायी महिलाओं ने भी भाग लिया।

धार्मिक स्थलों, मेलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर महिला चौपालों का आयोजन किया गया। इन चौपालों के माध्यम से 15,55,219 लोगों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।

महिला चौपाल जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं और स्थानीय समुदाय के बीच संवाद बढ़ाना है। इनके माध्यम से महिलाएं अपनी समस्याएं साझा कर सकती हैं और सुरक्षा से जुड़े उपायों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।

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 Mission Shakti Phase 5:  1,593 मिशन शक्ति केंद्रों पर जागरूकता कार्यक्रम

अभियान के दौरान प्रदेश में 1,593 मिशन शक्ति केंद्रों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में 12,51,777 महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और हेल्पलाइन से संबंधित 10,05,926 पर्चे भी वितरित किए गए।

इन केंद्रों और कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को उपलब्ध सरकारी सहायता, सुरक्षा संबंधी सेवाओं और शिकायत दर्ज कराने के तरीकों के बारे में जानकारी देने पर जोर दिया गया।

मिशन शक्ति अभियान में पुलिस के साथ स्थानीय प्रशासन और विभिन्न विभागों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही। इसका उद्देश्य महिलाओं तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के साथ जरूरत पड़ने पर उन्हें संबंधित सेवाओं से जोड़ना है।

 Mission Shakti Phase 5:  99,377 गांवों और वार्डों तक पहुंची महिला बीट पुलिस

मिशन शक्ति अभियान के दौरान महिला बीट पुलिस अधिकारियों ने 99,377 गांवों और वार्डों का दौरा किया। यह अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, क्योंकि इसके जरिए पुलिस को स्थानीय स्तर पर महिलाओं से सीधे संवाद करने का अवसर मिला।

विभिन्न ग्राम पंचायतों और वार्डों में बीट पुलिस अधिकारियों ने 45,040 कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, बीसी सखी, लेखपाल, एएनएम, आशा वर्कर, ग्राम पंचायत अधिकारियों और रोजगार सेवकों सहित स्थानीय प्रतिनिधियों ने सहयोग किया।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से सरकारी योजनाओं और सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। महिला बीट पुलिस अधिकारियों ने घरेलू हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बालिकाओं की पहचान कर उन्हें जरूरी सहायता से जोड़ने पर भी ध्यान दिया।

घरेलू विवाद, भरण-पोषण और अन्य समस्याओं से जुड़े मामलों में पीड़ितों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने तथा जरूरत के अनुसार संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने की पहल की गई।

महिला बीट पुलिस की गांवों और वार्डों तक पहुंच का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पुलिस और जनता के बीच संपर्क को मजबूत करना है, ताकि महिलाएं अपनी समस्याएं साझा करने और सहायता प्राप्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों तक पहुंच सकें।

 Mission Shakti Phase 5:  2.90 लाख से अधिक स्कूल-कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों की जांच

महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस ने शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर भी जांच अभियान चलाया। मिशन शक्ति फेज-5 के दूसरे चरण में कुल 2,90,153 स्कूल-कॉलेजों, चौराहों, बाजारों, मॉल, पार्कों और भीड़भाड़ वाले स्थानों की जांच की गई।

इस दौरान 38,64,614 व्यक्तियों की चेकिंग की गई। पुलिस कार्रवाई के तहत 1,841 अभियोग पंजीकृत किए गए और 6,276 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 16,85,263 व्यक्तियों को चेतावनी दी गई।

इन कार्रवाइयों का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखना और महिला अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना था।

अभियान के दौरान 59,897 स्थानों पर पुलिस गश्त और फुट पेट्रोलिंग भी की गई। इसके अतिरिक्त महिला अपराधों से जुड़े संवेदनशील स्थलों और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में 39,454 कैमरे स्थापित कराए गए।

सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस गश्त और निगरानी का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और वहां निगरानी बढ़ाने से पुलिस को स्थानीय परिस्थितियों पर नजर रखने में सहायता मिल सकती है।

 Mission Shakti Phase 5: रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भी चलाया गया जागरूकता अभियान

मिशन शक्ति अभियान के तहत रेलवे परिसरों और ट्रेनों में भी जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं। राजकीय रेलवे पुलिस ने अभियान से संबंधित 4,893 रेलवे स्टेशनों और 11,226 ट्रेनों में कुल 1,69,201 प्रचार सामग्री वितरित की।

रेलवे स्टेशन और ट्रेनें ऐसे सार्वजनिक स्थान हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। यहां महिला सुरक्षा, सहायता सेवाओं और जागरूकता से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने का उद्देश्य यात्रियों तक सुरक्षा संदेश पहुंचाना है।

रेलवे पुलिस की भागीदारी से अभियान का दायरा सार्वजनिक परिवहन तक बढ़ा। प्रचार सामग्री के जरिए यात्रियों को उपलब्ध सहायता और सुरक्षा संबंधी जानकारी से अवगत कराने का प्रयास किया गया।

 Mission Shakti Phase 5: महिला सुरक्षा और जागरूकता पर सरकार का फोकस

मिशन शक्ति अभियान के आंकड़े बताते हैं कि इसके दूसरे चरण में पुलिस कार्रवाई के साथ जनजागरूकता गतिविधियों पर भी जोर दिया गया। महिला बीट पुलिस के गांवों और वार्डों तक पहुंचने, मिशन शक्ति केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित करने और सार्वजनिक स्थानों पर जांच अभियान चलाने जैसी गतिविधियां इसी प्रयास का हिस्सा रहीं।

महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए जागरूकता के साथ प्रभावी शिकायत निवारण, समय पर सहायता और कानून के अनुसार कार्रवाई भी आवश्यक है। सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन की जानकारी महिलाओं तक पहुंचने से उन्हें उपलब्ध सेवाओं का इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है।

उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान के फेज-5 के दूसरे चरण के दौरान जारी किए गए आंकड़े अभियान के व्यापक संचालन को दर्शाते हैं। आगे इसकी प्रभावशीलता का आकलन इस आधार पर भी महत्वपूर्ण होगा कि महिलाओं को सहायता कितनी जल्दी मिलती है, शिकायतों का निस्तारण कैसे होता है और सुरक्षा संबंधी सेवाएं जमीनी स्तर पर कितनी सुलभ बनती हैं।

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