सवाल लेकर बैठीं छात्राएं, सामने थे जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी… जवाबों ने दिखाई सफलता की राह
पढ़ाई, कैरियर, लक्ष्य पर जिलाधिकारी ने दिये सफलता के मंत्र, छात्राओं से किया सीधा संवाद
Rampur: कैरियर को लेकर मन में सवाल हों, भविष्य को लेकर दुविधा हो और सामने जिले के जिलाधिकारी हों, तो संवाद निश्चित रूप से खास बन जाता है। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की बालिकाओं से विकास भवन सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित कैरियर गाइडेंस एवं शिक्षण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कक्षा 9 से 12 की छात्राओं से सीधे संवाद किया और जीवन व कैरियर में सफलता के लिए जरूरी बातों को साझा किया। छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं और सवाल रखे, जिनका उन्होंने मार्गदर्शन के साथ जवाब दिया। छात्राओं को अपनी जिज्ञासा, समस्या और कैरियर से जुड़े सवाल अधिकारी के सामने रखने का अवसर मिला।

जिलाधिकारी ने छात्राओं से कहा कि सफलता के लिए सबसे पहले यह स्पष्ट होना जरूरी है कि वे जीवन में क्या हासिल करना चाहती हैं। लक्ष्य तय करने के बाद उसके लिए नियमित तैयारी और अनुशासन जरूरी है। उन्होंने छात्राओं को अपनी क्षमता और रुचि को पहचानने तथा उसी के अनुरूप आगे की राह चुनने के लिए प्रेरित किया। छात्राओं ने अपने भविष्य को लेकर अलग-अलग सवाल सामने रखे और जिलाधिकारी ने उन्हें व्यावहारिक तरीके से समझाया कि कैरियर का चुनाव जल्दबाजी में नहीं, बल्कि अपनी रुचि, क्षमता और लक्ष्य को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
विद्यालय से आयीं छात्राओं ने कैरियर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, सफलता से जुड़े सवाल पूछे, जिसपर जिलाधिकारी ने बच्चों को सकारात्मक सोच, अनुशासन, ईमानदारी और निरन्तर मेहनत को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा के लिए मेधावी छात्राओं को शासन द्वारा कई योजनाओं का लाभ भी दिया जाता है।
संवाद के दौरान छात्राओं में खास उत्साह दिखाई दिया तथा कई छात्राओं ने अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं। बातचीत के दौरान छात्राएं बिना झिझक अपनी बात रखी। सवालों के जवाब के साथ उन्हें यह भरोसा भी मिला कि बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए शुरुआत छोटे और नियमित प्रयासों से ही होती है। जिलाधिकारी ने छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और आगे की पढ़ाई को लेकर भी दिशा दिखाई। उन्होंने कहा कि आज विद्यार्थियों के सामने आगे बढ़ने के कई अवसर हैं। जरूरत है सही विकल्प को पहचानने और उसके लिए योजनाबद्ध ढंग से तैयारी करने की। छात्राओं को मेहनत के साथ अपने व्यक्तित्व और आत्मविश्वास को मजबूत करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
जिलाधिकारी ने छात्राओं को असफलता से निराश न होने और मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की सीख दी। उससे सीख लेकर दोबारा कोशिश करना ही आगे बढ़ने का रास्ता है। छात्राओं को तनाव से बचते हुए सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक उपयोग करने की सलाह भी दी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र, डिप्टी कलेक्टर रत्निका श्रीवास्तव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुश्री कल्पना देवी उपस्थित रहीं।
