127 अंकों के साथ आईजीआरएस में फिर रामपुर प्रथम: आठ माह में सातवीं बार प्रदेश में नंबर वन
अगस्त में 85.58 प्रतिशत फरियादियों ने माना समाधान, 4985 फीडबैक में से 4266 लोग रहे संतुष्ट
Rampur: जनसुनवाई समाधान प्रणाली (आईजीआरएस) के तहत जन शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण में जनपद रामपुर ने एक बार फिर पूरे प्रदेश में अपनी बादशाहत साबित की है। अगस्त 2026 की मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट में रामपुर ने 127 अंकों के साथ सूबे में पहला स्थान हासिल किया है। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में जिले ने इस वर्ष कुल आठ महीनों में सातवीं बार शीर्ष पायदान पर रहकर एक अनूठा प्रशासनिक रिकॉर्ड बनाया है। जनवरी से जून तक लगातार छह बार प्रथम रहने के बाद अगस्त में प्रशासनिक मशीनरी ने जोरदार वापसी करते हुए पुन: नंबर वन पर अपनी जगह ले ली है।
संतुष्टि का पैमाना: कागजी नहीं, धरातल पर हुआ निस्तारण
जिले को शीर्ष पर पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका शिकायतकर्ताओं के सकारात्मक फीडबैक ने निभाई। शासन की ओर से अगस्त माह में दर्ज शिकायतों के समाधान के बाद कुल 4985 शिकायतकर्ताओं से सीधे दूरभाषीय संपर्क किया गया। इनमें से 4266 फरियादियों ने माना कि उनकी समस्या का समाधान पारदर्शी और संतोषजनक ढंग से हुआ है। 85.58 फीसदी की इस उच्च संतुष्टि दर ने साफ कर दिया कि जिले में समस्याओं का निस्तारण महज फाइलों को आगे बढ़ाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतिम छोर पर बैठे पीड़ित को धरातल पर राहत दी गई।
प्रशासनिक कसावट: ‘नो-डिफाल्टर’ नीति और दैनिक समीक्षा का असर
आईजीआरएस पोर्टल और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर प्राप्त होने वाली शिकायतों की लगातार ट्रैकिंग की गई। आईजीआरएस प्रभारी आनंद कुमार सिंह ने लंबित मामलों पर संबंधित अधिकारियों से नियमित समन्वय स्थापित किया। साथ ही, फील्ड स्तर के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि शिकायतकर्ता की बात संवेदनशीलता के साथ मौके पर जाकर सुनी जाए, जिससे कोई भी मामला डिफाल्टर श्रेणी में दर्ज न हो।
अग्रणी विभाग: इन पांच विभागों की मुस्तैदी से चमकी रैंकिंग
जिले को शीर्ष स्थान दिलाने में राजस्व, विद्युत, ग्राम्य विकास, खाद्य एवं रसद (पूर्ति) और चिकित्सा विभाग की भूमिका सबसे अहम रही। इन पांचों प्रमुख विभागों ने शिकायतों के आने से लेकर उनके निस्तारण तक तय समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया, जिसके चलते जिले के कुल अंकों में बड़ा उछाल दर्ज हुआ।
“यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरी प्रशासनिक टीम के अथक परिश्रम, आपसी समन्वय और जनसेवा के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतिफल है। राजस्व, विद्युत, ग्राम्य विकास, पूर्ति और चिकित्सा विभाग समेत सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों ने जिस तत्परता और संवेदनशीलता से धरातल पर उतरकर फरियादियों की समस्याओं को दूर किया, वह अत्यंत सराहनीय है। जनसुनवाई की मूल भावना केवल शिकायत बंद करना नहीं, बल्कि आमजन के भीतर शासन-प्रशासन के प्रति गहरा विश्वास पैदा करना है। हमारी टीम इसी ऊर्जा, पारदर्शिता और समर्पण के साथ आगे भी जनसमस्याओं के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण समाधान का यह सिलसिला बनाए रखेगी।”
— अजय कुमार द्विवेदी, जिलाधिकारी, रामपुर
