Sonbhadra: विश्व आदिवासी दिवस पर निकला भव्य जुलूस, तहसीलदार को सौंपा पांच सूत्रीय ज्ञापन
• आदिवासी अधिकारों, धर्म कोड और पंचायत चुनाव में आबादी के अनुपात में भागीदारी की उठी मांग
- रिपोर्ट: मनीष कुमार
दुद्धी(सोनभद्र)। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को स्थानीय टाउन क्लब क्रिकेट (रामलीला) मैदान में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम से पूर्व आदिवासी परिधानों में सजे महिला-पुरुषों ने छत्तीसगढ़ी लोकगीतों और डीजे की धुन पर नृत्य करते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से जुलूस निकाला। जुलूस दुद्धी तहसील पहुंचा, जहां प्रतिनिधिमंडल ने आदिवासी समुदाय की पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन राज्यपाल के नाम संबोधित करते हुए तहसीलदार अंजनी गुप्ता को सौंपा। इसके बाद जुलूस रामलीला मैदान पहुंचकर कार्यक्रम में तब्दील हो गया। कार्यक्रम की शुरुआत रामनाथ श्याम और सुरेंद्र पोया द्वारा देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना और 52 गढ़-57 परगना की परंपरागत स्तुति से हुई।
सभा में आदिवासी वन और जमीन के अधिकार, जनगणना में धर्म कोड लागू करने तथा त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में आबादी के अनुपात के अनुसार आदिवासी समुदाय की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। आयोजकों ने आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक पहचान, जीवन-निर्वाह, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के संरक्षण पर जोर दिया। कार्यक्रम में कर्मा-शैला की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन फौजदार सिंह परस्ते ने किया। मुख्य संरक्षक संजय गोंड धुर्वे सहित पूर्व अनुसूचित जाति जनजाति आयोग उपाध्यक्ष श्रवण सिंह गौड़, विजय सिंह उइके, सुरेंद्र पोया, सोमारु, संतोष एडवोकेट, दिनेश यादव, जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी, राजेंद्र एडवोकेट, हरिकिशुन, देव कुमार जवाहर परस्ते, अमर सिंह मरावी, लालमोहन आईके, रघुवीर सिंह मरावी और सजनरायन मौजूद रहे।
