रामपुर में किसानों का प्रदर्शन, वन विभाग से लेकर खाद-बिजली और राशन व्यवस्था पर उठाए सवाल

  • रिपोर्ट: शाहबाज़ खां

Rampur: किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय किसान यूनियन मजदूर संगठन के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग उठाई और जिलाधिकारी के नाम एडीएम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

संगठन के जिला अध्यक्ष सनजोर अली पाशा ने ज्ञापन के माध्यम से जिले में किसानों और आम लोगों से जुड़ी कई समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से वन विभाग की ओर से किसानों की शिकायतों की अनदेखी की जा रही है और किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है।

वन विभाग पर अवैध कटान को लेकर लगाए आरोप
जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पेड़ों की कटाई के लिए परमिट के नाम पर किसानों से कथित तौर पर अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने जिले में अवैध पेड़ कटान को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए।

संगठन का दावा है कि हाल के दिनों में टांडा क्षेत्र में बड़ी संख्या में आम के पेड़ काटे गए। इसके अलावा सिमरा और रामपुर रेंज के विभिन्न क्षेत्रों में भी कथित अवैध कटान हुआ है। टांडा रोड पर वन विभाग की संपत्ति से जुड़े पेड़ों की कटाई और क्रोकोडाइल पार्क को कथित तौर पर नुकसान पहुंचाने का मुद्दा भी ज्ञापन में उठाया गया।

संगठन ने इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

खाद की उपलब्धता और नकली उर्वरक का मुद्दा उठाया
किसान संगठन ने जिले में समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाया। संगठन के मुताबिक, किसान सोसाइटी और खाद केंद्रों के चक्कर लगाने के बावजूद परेशान हैं।

ज्ञापन में खाद की दुकानों पर कथित रूप से नकली खाद और कृषि दवाएं बेचे जाने का भी आरोप लगाया गया। संगठन ने कहा कि इससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद और कृषि दवाएं निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने की मांग की गई।

स्वास्थ्य और बिजली विभाग पर भी सवाल
प्रदर्शनकारियों ने रामपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें दर्ज कराईं। संगठन का आरोप है कि अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है और कई स्थानों पर मरीजों से कथित रूप से पैसे लिए जा रहे हैं।

इसके अलावा बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। संगठन ने आरोप लगाया कि गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को बिजली के बिल और अन्य मामलों के नाम पर परेशान किया जा रहा है। कुछ संविदा कर्मचारियों पर भी कथित रूप से पैसे लेने के आरोप लगाए गए।

राशन वितरण में अनियमितता का आरोप
राष्ट्रीय किसान यूनियन मजदूर संगठन ने पूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। संगठन का आरोप है कि राशन कार्ड बनाने और काटने, यूनिट जोड़ने या हटाने में अनियमितताएं की जा रही हैं।

ज्ञापन में डिपो होल्डरों और पूर्ति विभाग के बीच कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा गया कि सरकार की ओर से गरीबों के लिए उपलब्ध कराया गया पूरा राशन पात्र लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

संगठन ने मांग की कि राशन वितरण व्यवस्था की जांच कर पात्र लोगों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो तहसील स्तर पर प्रदर्शन की चेतावनी
किसान संगठन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों और आम जनता से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संगठन जिले की प्रत्येक तहसील पर प्रदर्शन करेगा। संगठन ने प्रशासन से वन विभाग, खाद, स्वास्थ्य, बिजली और पूर्ति विभाग से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन देने वालों में नासिर मियां, अब्दुल वाहिद, जावेद खान, सोहेल पाशा, शकील अहमद, अयूब पाशा, रहीस अहमद, जय राम, आसाराम, कल्लू, सागर, भूरा समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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